रंडी की चुदाई की कहानी में पढ़ें कि मैंने अपनी बेवा अम्मी को अपनी ही क्लास के एक लड़के से पैसे लेकर चुदती देखा| मुझे पता लगा कि अम्मी मेरी बहन से भी पेशा करवाती थी|
हाय, मैं आपका दोस्त असलम| मैं फ्री सेक्स कहानी पर रेग्युलर कहानी पढ़ता हूँ| इधर की रसीली सेक्स कहानी पढ़ने के बाद मेरा भी मन हुआ कि मैं अपनी रंडी की चुदाई की कहानी आपके सामने पेश करूं|
दोस्तो, मैं पर्दानशीं परिवार से हूँ| आप तो जानते ही होंगे कि पर्दानशीं औरतें कितनी ज्यादा सेक्सी होती हैं| मेरी फैमिली में मेरी अम्मी अब्बू बहन और मैं हम चार ही हैं|
यह रंडी की चुदाई की कहानी मेरी अम्मी की चुदाई की है| मेरी अम्मी का नाम यास्मीन है| अम्मी की उम्र 41 साल है, लेकिन उनकी फिगर 34-32-36 को देख कर ऐसा लगता है कि अम्मी अभी 32 साल की ही हैं|
मेरी बहन सबीना 19 साल की है| उसका फिगर 32-26-34 का है| वो भी बड़ी हॉट है|
मेरे अब्बू की घर में ही मोबाइल की दुकान थी और हम जहां रह रहे थे, वहां की बस्ती में सभी जातियों के लोग रहते थे| अब्बू की मोबाइल दुकान काफी अच्छी चलती थी|
फिर एक दिन अब्बू को हार्ट अटैक आया और उस वजह से उनका इंतकाल हो गया| मैं तब पढ़ता था|
अब्बू के इंतकाल के बाद घर चलाने की जिम्मेदारी अम्मी पर आ गई| अब मेरी अम्मी अब्बू की दुकान पर बैठने लगी थीं| अब्बू की दुकान पर मोबाइल की बिक्री और रिचार्ज ही होता था, रिपेयरिंग का काम नहीं होता था| इसलिए अब मेरी अम्मी दुकान पर सिर्फ मोबाइल बेचने का काम करने लगी|
मैं भी स्कूल से आने के बाद अम्मी के साथ दुकान पर बैठने लगा था| लेकिन मेरा दुकान में कुछ खास ध्यान नहीं होता था| इस वजह से अम्मी मुझसे बोलती थीं कि बेटा तू अभी अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे|
जब से मेरी अम्मी दुकान पर बैठने लगी थीं, तब से हमारी दुकान और भी अच्छे से चलने लगी थी| सभी लोग हमारी दुकान से ही रिचार्ज करवाते|
अब मेरी अम्मी में भी बदलाव आने लगा था| अम्मी टाईट कपड़े पहन कर दुकान में बैठने लगी थीं| वो अब अक्सर लैंगिंग्स कुर्ती पहनने लगी थीं| उनकी इस तरह की ड्रेस में उनका सेक्सी जिस्म और भी उभर कर सामने दिखने लगा था| उनकी कुर्ती काफी खुले गले की होती थी, जिससे उनके मस्त चूचे साफ़ दिखते थे| वो कुर्ती के ऊपर दुपट्टा भी नहीं डालती थीं|
उनके अन्दर ये बदलाव देख कर मेरे मन में शंका होने लगी थी| लेकिन मैं अपनी अम्मी के बारे में कुछ भी गलत नहीं सोचता था| मैं उन्हें देख कर अपना सर झट देता कि ये मेरा वहम है, अम्मी एकदम पाक साफ़ हैं| मैं अपने दिल को ऐेसे ही समझा लेता और उनकी तरफ से कुछ भी ऊटपटांग सीचना बंद कर देता था|
फिर एक दिन मेरे स्कूल का एक दोस्त धीरज मुझसे बोला- असलम मुझे एक एड्रेस तो बता यार|
मैं धीरज से बोला- हां पूछ न!
उसने मुझे वो एड्रेस बताया, तो मैं सन्न रह गया| वो तो मेरे घर का अड्रेस था| मैं मन ही मन सोचने लगा कि यह मेरे घर का पता क्यों पूछ रहा है|
मैंने धीरज से पूछा- अरे तुझे इस एड्रेस पर क्या काम है?
तब धीरज मुस्कुराता हुआ बोला- इस पते पर एक रंडी रहती है, मुझे उसे चोदने जाना है|
उसके मुँह से मैंने ये सुना तो ऊपर से नीचे तक पूरा हिल गया| मैंने मन में सोचने लगा कि इसका मतलब ये हुआ कि या तो मेरी अम्मी या बहन को ही ये रंडी कह रहा है| उन दोनों में से कौन ऐसा हो सकता है|
मैंने धीरज को एड्रेस समझा दिया और उससे पूछा- तू कब जाएगा?
वो बोला- आज स्कूल के बाद जाऊंगा|
मैंने सोच लिया कि मैं भी चुपचाप घर जाऊंगा और देखूंगा कि मामला क्या है| स्कूल छूटने से कुछ पहले मैं अपने घर के लिए निकल गया और घर में बिना आहट किए, मैं अन्दर जाकर छिप गया|
मैंने अम्मी के कमरे के अन्दर झांकने की जगह देखना शुरू की, तो पीछे खिड़की का एक कांच जरा सा टूटा हुआ था| जिसमें से रूम का पूरा नजर देखा जा सकता था| अन्दर क्या बात होती, ये मैं साफ़ सुन भी सकता था|
तभी मैंने देखा कि अम्मी एक टाईट लैगी और कुर्ती पहने हुए घर में काम कर रही थीं| आज मेरी अम्मी ने एक बहुत ही पतले कपड़े की सफ़ेद रंग की कुर्ती पहनी थी और ऊपर से एक ओढ़नी डाल रखी थी| उस समय मेरी बहन ने जींस टॉप पहना हुआ था|
थोड़ी देर में दरवाजा की खड़कने की आवाज आयी| तो मेरी बहन ने आगे जाकर दरवाजा खोला|
सामने धीरज था|
मेरी बहन उसे देख कर मुस्कुराई और बोली- अन्दर आ जाओ|
धीरज अन्दर आया, तो बहन ने दरवाजा बंद कर दिया| अब अम्मी और बहन दोनों कमरे में थीं और धीरज उनके सामने बैठ गया था|
मेरी अम्मी ने उससे सीधे सीधे कहा- मुझसे करना है, तो 3000 लगेंगे और बेटी से करना है, तो 5000 खर्च करना पड़ेंगे|
धीरज ने बेशर्मी से पूछा- दोनों से करूंगा, तो कितना लोगी?
अम्मी ने पेशेवर रंडी के जैसे कहा- हम दोनों से करोगे तो 8 हजार लगेंगे|
धीरज बोला- मुझे आपसे करना, मैं आज 4000 रूपए लेकर ही आया हूँ|
अम्मी बोलीं- ओके … सबीना तू अन्दर जा|
सबीना रूम में चली गई| अब अम्मी और धीरज ही कमरे में रह गए थे| धीरज उठ कर खड़ा होने लगा|
मेरी अम्मी धीरज से बैठने को बोलीं और खुद जाकर उसकी गोदी में बैठ गईं| अम्मी ने अपनी ओढ़नी हटा दी| धीरज मेरी अम्मी के चूचों को दबाने लगा|
वो मेरी अम्मी के एक दूध का निप्पल मींजता हुआ बोला- बड़े मस्त दाने हैं आपके|
मेरी अम्मी ने मुस्कुरा कर धीरज की शर्ट के बटन खोले और उसे उतार दिया| फिर अम्मी ने अपनी कुर्ती उतार दी| अम्मी अब लैगी और ब्रा में ही रह गई थीं| धीरज मेरी अम्मी को किस करने लगा|
अम्मी मस्त आवाजें निकालने लगीं- उम्म … ममह|
धीरज मेरी अम्मी के होंठ काट रहा था|
फिर धीरज ने मेरी अम्मी की लैगी भी उतार दी और अम्मी ने धीरज की पैंट और अंडरवियर दोनों उतार दीं| मेरी अम्मी अब सिर्फ एक लाल रंग की पैंटी में थीं| उनका जिस्म बेहद कामुक था| एक बार को तो मेरा लंड भी फुंफकार मारने लगा| मैं अपने लंड पर हाथ फेरने लगा|
फिर धीरज मेरी अम्मी की गांड पर हाथ घुमाते हुए बोला- आंटी आप बहुत सेक्सी हो|
अम्मी धीरज का लंड हिलाने लगीं| थोड़ी ही देर में धीरज का लंड पूरा खड़ा हो गया| धीरज का लंड 6 इंच का था|
अम्मी उसका लंड देख कर बोलीं- अभी छोटा है|
धीरज बोला- हां आंटी, अभी आपकी चुत में कुछ बार घुसेगा … तो बड़ा और मोटा हो जाएगा|
अम्मी हंस कर बोलीं- हां ये तो है, मगर तेल से मालिश कराया करो, तो जल्दी बड़ा हो जाएगा|
तब धीरज बोला- क्या आप लंड की मालिश करती हो आंटी!
अम्मी बोलीं- हां मैं करती हूँ, लेकिन उसका पांच सौ रूपए एक्स्ट्रा चार्ज लगता है|
धीरज बोला- ठीक है आंटी आज आप मेरे लंड की मालिश भी कर दो|
अम्मी धीरज से बोलीं- ठीक है, तुम सीधे लेट जाओ|
मेरी अम्मी ने पास रखी तेल की बोतल ली और लंड पर तेल टपका कर मालिश करने लगीं|
धीरज के मुँह से गर्म आवाजें निकलने लगीं- आह … आह … बड़ी मस्त मालिश करती हो आंटी| आज पहली बार किसी लड़की ने मेरा लंड हाथ में लिया है|
अम्मी हंसने लगीं|
धीरज मेरी अम्मी से बोला- जरा रगड़ कर मजा दो न मेरी जान| मुँह में भी लो ना मेरी जान|
अम्मी- सब होगा … मैं फ्री का पैसा नहीं लेती हूँ|
अम्मी ने मेरे दोस्त के लंड की मस्त मालिश की| वो अब धीरज का लंड चूसने भी लगीं|
धीरज के मुँह से मादक कराहें निकलने लगीं- आह … ऊफ्फ … बड़ा मजा आ रहा है जान|
वो सीत्कार किए जा रहा था क्योंकि धीरज पहली बार लंड चुसवा रहा था|
मेरी अम्मी लगभग बीस मिनट तक धीरज का लंड चूसती रहीं| धीरज के लंड ने लावा उगल दिया और उसने मेरी अम्मी के मुँह में ही अपने लंड का पानी छोड़ दिया| अम्मी ने उसका पूरा वीर्य खा लिया और लंड को चूस चाट कर एकदम साफ़ कर दिया|
फिर धीरज ने कहा- मैं आपकी चुत चाटना चाहता हूँ|
अम्मी बोलीं- बड़े शौक से चाटो, मैंने कब मना किया है|
अपनी चुत खोलकर अम्मी लेट गईं और धीरज मेरी अम्मी की चूत चाटने लगा|
अम्मी को चुत चटवाने में मजा आने लगा था, वो अपनी गांड उछाल उछाल कर मेरे दोस्त से अपनी चूत चटवा रही थीं|
धीरज मेरी अम्मी की चुत में अपनी पूरी जीभ डाल कर मजे से चुत चूस रहा था| वो मेरी अम्मी की गांड में उंगली भी डाल रहा था|
लगभग दस मिनट तक चुत चाटने बाद मेरी अम्मी धीरज के मुँह में झड़ गईं| धीरज ने मेरी अम्मी की चुत का सारा नमकीन रस चाट लिया|
वो अपने होंठों पर जीभ फेरते हुए बोला- आह आंटी … आपकी चुत का रस बड़ा नमकीन है| मैंने आज चुत का रस पहली बार पिया है|
अम्मी हंस कर बोलीं- हर बार पिया कर, तेरी बॉडी भी बन जाएगी| इसमें बड़ा प्रोटीन होता है|
धीरज ने हंस कर मेरी अम्मी के दूध दबाए और बोला- तभी लंड का रस आपकी जवानी पर असर दिखा रहा है|
अम्मी भी हंस दीं|
कुछ देर यूं ही एक दूसरे को चूमने चाटने के बाद वे दोनों फिर से गर्म हो गए|
अब मेरी अम्मी बिस्तर पर चित लेट गईं और धीरज मेरी अम्मी की चूत में लंड डालने लगा| वो साला पहली बार चुत चुदाई कर रहा था, तो उसका लंड चुत के अन्दर ठीक से जा ही नहीं पा रहा था| उसका लंड अभी कोरा था| वो पहली बार किसी की चुत में लंड पेल रहा था|
कुछ देर तक धीरज मेरी अम्मी की चुत में लंड घुसेड़ने की कोशिश करता रहा|
तब अम्मी ने झुंझला कर धीरज का लंड हाथ में पकड़ा और अपनी चूत पर सैट करके कहा- अब डाल भी दे ना!
धीरज ने धक्का देकर अपना लंड चुत में घुसा दिया| लंड अन्दर घुसा तो अम्मी को चैन मिल गया मगर धीरज की दर्द से आह निकल गई| उसकी आंखें मुंद गई थीं|
अम्मी समझ गई थीं, वो बोलीं- थोड़ा अन्दर बाहर कर, तेरा दर्द खत्म हो जाएगा| आज तेरे लंड का धागा टूटा है|
वो मेरी अम्मी की चुत में लंड आगे पीछे करने लगा| तीन चार झटकों में ही उसे मजा आने लगा और वो बोला- आह || आंटी आपकी भट्टी बड़ी गर्म है|
मेरी अम्मी ने कहा- जरा देर यूं ही लंड अन्दर पड़ा रहने दे, इसकी गर्मी का मजा ले ले|
धीरज से लंड अन्दर पड़ा रहने दिया| उसे चुत की गर्मी बेहद मजा दे रही थी|
फिर वो लंड चुत में अन्दर बाहर करने लगा| शुरू में वो मेरी अम्मी को धीमे धीमे चोदने लगा|
करीब पचास धक्कों के बाद मेरी अम्मी बोलीं- आह साले अब जोर से अन्दर बाहर कर … मुझे भी आग लग रही है|
धीरज ने मेरी अम्मी के चूचे मसले और चुदाई की स्पीड तेज कर दी|
मगर मैं देख रहा था कि मेरी अम्मी को धीरज के 6 इंच के लंड से कोई असर ही नहीं हो रहा था| अम्मी मजे से हंसते हंसते उससे चुदवा रही थीं|
लगभग बीस मिनट बाद धीरज ने अपने लंड का पानी मेरी अम्मी की चूत में छोड़ दिया और उनके ऊपर ढेर हो गया|
वो एक मिनट बाद मेरी अम्मी के ऊपर से उठ कर उनके बाजू में लेट गया| मेरी अम्मी की प्यास शायद अभी बुझी ही नहीं थी| इसलिए मेरी अम्मी फिर से उसका लंड हिलाने लगीं|
कुछ दस मिनट में धीरज का लंड फिर से खड़ा हो गया| अब अम्मी औंधी लेट गईं और धीरज ने ऊपर चढ़ कर मेरी अम्मी की चौड़ी सी गांड में लंड पेल दिया| वो मेरी अम्मी की गांड मारने लगा || और गपागप करते हुए अम्मी की गांड ठोकने लगा|
दस मिनट तक गांड मारने बाद धीरज के लंड का पानी निकलने लगा और उसने सारा लंड रस मेरी अम्मी की मखमली गांड में ही छोड़ दिया|
वो लंड निकाल कर हांफता हुआ बोला- आंटी, बहुत मस्त लगा, अगली बार आपकी बेटी को चोदूंगा| लेकिन मुझे आप अपनी ऐसे में ही एक फोटो दोगी?
अम्मी हंस कर बोलीं- क्यों फोटो का क्या करेगा? क्या रात को फोटो देख कर मुठ मारेगा!
धीरज हंसने लगा और बोला- हां वो भी करूंगा और आपके लिए एक ग्राहक भी लाऊंगा|
अम्मी ने ग्राहक की बात सुनी तो बोलीं- हां … अभी ही खींच लो|
धीरज ने अपने मोबाइल से मेरी अम्मी की नंगी फोटो खींच ली और कपड़े पहन लिए|
फिर उसने अम्मी को चुदाई के पैसे दिए और चला गया|
अगली बार वो मेरी बहन की चुत चुदाई करेगा| तब वो रंडी की चुदाई की कहानी में आपको लिख कर बताऊंगा| हो सकता है कि अगली बार वो किसी और को भी साथ ले आए और वो दोनों मेरी अम्मी और बहन की एक साथ चुदाई का मजा लें|
दोस्तो, आपको मेरी रंडी की चुदाई की कहानी कैसी लगी| मुझे ईमेल पर जरूर बताएं|
हाय, मैं आपका दोस्त असलम| मैं फ्री सेक्स कहानी पर रेग्युलर कहानी पढ़ता हूँ| इधर की रसीली सेक्स कहानी पढ़ने के बाद मेरा भी मन हुआ कि मैं अपनी रंडी की चुदाई की कहानी आपके सामने पेश करूं|
दोस्तो, मैं पर्दानशीं परिवार से हूँ| आप तो जानते ही होंगे कि पर्दानशीं औरतें कितनी ज्यादा सेक्सी होती हैं| मेरी फैमिली में मेरी अम्मी अब्बू बहन और मैं हम चार ही हैं|
यह रंडी की चुदाई की कहानी मेरी अम्मी की चुदाई की है| मेरी अम्मी का नाम यास्मीन है| अम्मी की उम्र 41 साल है, लेकिन उनकी फिगर 34-32-36 को देख कर ऐसा लगता है कि अम्मी अभी 32 साल की ही हैं|
मेरी बहन सबीना 19 साल की है| उसका फिगर 32-26-34 का है| वो भी बड़ी हॉट है|
मेरे अब्बू की घर में ही मोबाइल की दुकान थी और हम जहां रह रहे थे, वहां की बस्ती में सभी जातियों के लोग रहते थे| अब्बू की मोबाइल दुकान काफी अच्छी चलती थी|
फिर एक दिन अब्बू को हार्ट अटैक आया और उस वजह से उनका इंतकाल हो गया| मैं तब पढ़ता था|
अब्बू के इंतकाल के बाद घर चलाने की जिम्मेदारी अम्मी पर आ गई| अब मेरी अम्मी अब्बू की दुकान पर बैठने लगी थीं| अब्बू की दुकान पर मोबाइल की बिक्री और रिचार्ज ही होता था, रिपेयरिंग का काम नहीं होता था| इसलिए अब मेरी अम्मी दुकान पर सिर्फ मोबाइल बेचने का काम करने लगी|
मैं भी स्कूल से आने के बाद अम्मी के साथ दुकान पर बैठने लगा था| लेकिन मेरा दुकान में कुछ खास ध्यान नहीं होता था| इस वजह से अम्मी मुझसे बोलती थीं कि बेटा तू अभी अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे|
जब से मेरी अम्मी दुकान पर बैठने लगी थीं, तब से हमारी दुकान और भी अच्छे से चलने लगी थी| सभी लोग हमारी दुकान से ही रिचार्ज करवाते|
अब मेरी अम्मी में भी बदलाव आने लगा था| अम्मी टाईट कपड़े पहन कर दुकान में बैठने लगी थीं| वो अब अक्सर लैंगिंग्स कुर्ती पहनने लगी थीं| उनकी इस तरह की ड्रेस में उनका सेक्सी जिस्म और भी उभर कर सामने दिखने लगा था| उनकी कुर्ती काफी खुले गले की होती थी, जिससे उनके मस्त चूचे साफ़ दिखते थे| वो कुर्ती के ऊपर दुपट्टा भी नहीं डालती थीं|
उनके अन्दर ये बदलाव देख कर मेरे मन में शंका होने लगी थी| लेकिन मैं अपनी अम्मी के बारे में कुछ भी गलत नहीं सोचता था| मैं उन्हें देख कर अपना सर झट देता कि ये मेरा वहम है, अम्मी एकदम पाक साफ़ हैं| मैं अपने दिल को ऐेसे ही समझा लेता और उनकी तरफ से कुछ भी ऊटपटांग सीचना बंद कर देता था|
फिर एक दिन मेरे स्कूल का एक दोस्त धीरज मुझसे बोला- असलम मुझे एक एड्रेस तो बता यार|
मैं धीरज से बोला- हां पूछ न!
उसने मुझे वो एड्रेस बताया, तो मैं सन्न रह गया| वो तो मेरे घर का अड्रेस था| मैं मन ही मन सोचने लगा कि यह मेरे घर का पता क्यों पूछ रहा है|
मैंने धीरज से पूछा- अरे तुझे इस एड्रेस पर क्या काम है?
तब धीरज मुस्कुराता हुआ बोला- इस पते पर एक रंडी रहती है, मुझे उसे चोदने जाना है|
उसके मुँह से मैंने ये सुना तो ऊपर से नीचे तक पूरा हिल गया| मैंने मन में सोचने लगा कि इसका मतलब ये हुआ कि या तो मेरी अम्मी या बहन को ही ये रंडी कह रहा है| उन दोनों में से कौन ऐसा हो सकता है|
मैंने धीरज को एड्रेस समझा दिया और उससे पूछा- तू कब जाएगा?
वो बोला- आज स्कूल के बाद जाऊंगा|
मैंने सोच लिया कि मैं भी चुपचाप घर जाऊंगा और देखूंगा कि मामला क्या है| स्कूल छूटने से कुछ पहले मैं अपने घर के लिए निकल गया और घर में बिना आहट किए, मैं अन्दर जाकर छिप गया|
मैंने अम्मी के कमरे के अन्दर झांकने की जगह देखना शुरू की, तो पीछे खिड़की का एक कांच जरा सा टूटा हुआ था| जिसमें से रूम का पूरा नजर देखा जा सकता था| अन्दर क्या बात होती, ये मैं साफ़ सुन भी सकता था|
तभी मैंने देखा कि अम्मी एक टाईट लैगी और कुर्ती पहने हुए घर में काम कर रही थीं| आज मेरी अम्मी ने एक बहुत ही पतले कपड़े की सफ़ेद रंग की कुर्ती पहनी थी और ऊपर से एक ओढ़नी डाल रखी थी| उस समय मेरी बहन ने जींस टॉप पहना हुआ था|
थोड़ी देर में दरवाजा की खड़कने की आवाज आयी| तो मेरी बहन ने आगे जाकर दरवाजा खोला|
सामने धीरज था|
मेरी बहन उसे देख कर मुस्कुराई और बोली- अन्दर आ जाओ|
धीरज अन्दर आया, तो बहन ने दरवाजा बंद कर दिया| अब अम्मी और बहन दोनों कमरे में थीं और धीरज उनके सामने बैठ गया था|
मेरी अम्मी ने उससे सीधे सीधे कहा- मुझसे करना है, तो 3000 लगेंगे और बेटी से करना है, तो 5000 खर्च करना पड़ेंगे|
धीरज ने बेशर्मी से पूछा- दोनों से करूंगा, तो कितना लोगी?
अम्मी ने पेशेवर रंडी के जैसे कहा- हम दोनों से करोगे तो 8 हजार लगेंगे|
धीरज बोला- मुझे आपसे करना, मैं आज 4000 रूपए लेकर ही आया हूँ|
अम्मी बोलीं- ओके … सबीना तू अन्दर जा|
सबीना रूम में चली गई| अब अम्मी और धीरज ही कमरे में रह गए थे| धीरज उठ कर खड़ा होने लगा|
मेरी अम्मी धीरज से बैठने को बोलीं और खुद जाकर उसकी गोदी में बैठ गईं| अम्मी ने अपनी ओढ़नी हटा दी| धीरज मेरी अम्मी के चूचों को दबाने लगा|
वो मेरी अम्मी के एक दूध का निप्पल मींजता हुआ बोला- बड़े मस्त दाने हैं आपके|
मेरी अम्मी ने मुस्कुरा कर धीरज की शर्ट के बटन खोले और उसे उतार दिया| फिर अम्मी ने अपनी कुर्ती उतार दी| अम्मी अब लैगी और ब्रा में ही रह गई थीं| धीरज मेरी अम्मी को किस करने लगा|
अम्मी मस्त आवाजें निकालने लगीं- उम्म … ममह|
धीरज मेरी अम्मी के होंठ काट रहा था|
फिर धीरज ने मेरी अम्मी की लैगी भी उतार दी और अम्मी ने धीरज की पैंट और अंडरवियर दोनों उतार दीं| मेरी अम्मी अब सिर्फ एक लाल रंग की पैंटी में थीं| उनका जिस्म बेहद कामुक था| एक बार को तो मेरा लंड भी फुंफकार मारने लगा| मैं अपने लंड पर हाथ फेरने लगा|
फिर धीरज मेरी अम्मी की गांड पर हाथ घुमाते हुए बोला- आंटी आप बहुत सेक्सी हो|
अम्मी धीरज का लंड हिलाने लगीं| थोड़ी ही देर में धीरज का लंड पूरा खड़ा हो गया| धीरज का लंड 6 इंच का था|
अम्मी उसका लंड देख कर बोलीं- अभी छोटा है|
धीरज बोला- हां आंटी, अभी आपकी चुत में कुछ बार घुसेगा … तो बड़ा और मोटा हो जाएगा|
अम्मी हंस कर बोलीं- हां ये तो है, मगर तेल से मालिश कराया करो, तो जल्दी बड़ा हो जाएगा|
तब धीरज बोला- क्या आप लंड की मालिश करती हो आंटी!
अम्मी बोलीं- हां मैं करती हूँ, लेकिन उसका पांच सौ रूपए एक्स्ट्रा चार्ज लगता है|
धीरज बोला- ठीक है आंटी आज आप मेरे लंड की मालिश भी कर दो|
अम्मी धीरज से बोलीं- ठीक है, तुम सीधे लेट जाओ|
मेरी अम्मी ने पास रखी तेल की बोतल ली और लंड पर तेल टपका कर मालिश करने लगीं|
धीरज के मुँह से गर्म आवाजें निकलने लगीं- आह … आह … बड़ी मस्त मालिश करती हो आंटी| आज पहली बार किसी लड़की ने मेरा लंड हाथ में लिया है|
अम्मी हंसने लगीं|
धीरज मेरी अम्मी से बोला- जरा रगड़ कर मजा दो न मेरी जान| मुँह में भी लो ना मेरी जान|
अम्मी- सब होगा … मैं फ्री का पैसा नहीं लेती हूँ|
अम्मी ने मेरे दोस्त के लंड की मस्त मालिश की| वो अब धीरज का लंड चूसने भी लगीं|
धीरज के मुँह से मादक कराहें निकलने लगीं- आह … ऊफ्फ … बड़ा मजा आ रहा है जान|
वो सीत्कार किए जा रहा था क्योंकि धीरज पहली बार लंड चुसवा रहा था|
मेरी अम्मी लगभग बीस मिनट तक धीरज का लंड चूसती रहीं| धीरज के लंड ने लावा उगल दिया और उसने मेरी अम्मी के मुँह में ही अपने लंड का पानी छोड़ दिया| अम्मी ने उसका पूरा वीर्य खा लिया और लंड को चूस चाट कर एकदम साफ़ कर दिया|
फिर धीरज ने कहा- मैं आपकी चुत चाटना चाहता हूँ|
अम्मी बोलीं- बड़े शौक से चाटो, मैंने कब मना किया है|
अपनी चुत खोलकर अम्मी लेट गईं और धीरज मेरी अम्मी की चूत चाटने लगा|
अम्मी को चुत चटवाने में मजा आने लगा था, वो अपनी गांड उछाल उछाल कर मेरे दोस्त से अपनी चूत चटवा रही थीं|
धीरज मेरी अम्मी की चुत में अपनी पूरी जीभ डाल कर मजे से चुत चूस रहा था| वो मेरी अम्मी की गांड में उंगली भी डाल रहा था|
लगभग दस मिनट तक चुत चाटने बाद मेरी अम्मी धीरज के मुँह में झड़ गईं| धीरज ने मेरी अम्मी की चुत का सारा नमकीन रस चाट लिया|
वो अपने होंठों पर जीभ फेरते हुए बोला- आह आंटी … आपकी चुत का रस बड़ा नमकीन है| मैंने आज चुत का रस पहली बार पिया है|
अम्मी हंस कर बोलीं- हर बार पिया कर, तेरी बॉडी भी बन जाएगी| इसमें बड़ा प्रोटीन होता है|
धीरज ने हंस कर मेरी अम्मी के दूध दबाए और बोला- तभी लंड का रस आपकी जवानी पर असर दिखा रहा है|
अम्मी भी हंस दीं|
कुछ देर यूं ही एक दूसरे को चूमने चाटने के बाद वे दोनों फिर से गर्म हो गए|
अब मेरी अम्मी बिस्तर पर चित लेट गईं और धीरज मेरी अम्मी की चूत में लंड डालने लगा| वो साला पहली बार चुत चुदाई कर रहा था, तो उसका लंड चुत के अन्दर ठीक से जा ही नहीं पा रहा था| उसका लंड अभी कोरा था| वो पहली बार किसी की चुत में लंड पेल रहा था|
कुछ देर तक धीरज मेरी अम्मी की चुत में लंड घुसेड़ने की कोशिश करता रहा|
तब अम्मी ने झुंझला कर धीरज का लंड हाथ में पकड़ा और अपनी चूत पर सैट करके कहा- अब डाल भी दे ना!
धीरज ने धक्का देकर अपना लंड चुत में घुसा दिया| लंड अन्दर घुसा तो अम्मी को चैन मिल गया मगर धीरज की दर्द से आह निकल गई| उसकी आंखें मुंद गई थीं|
अम्मी समझ गई थीं, वो बोलीं- थोड़ा अन्दर बाहर कर, तेरा दर्द खत्म हो जाएगा| आज तेरे लंड का धागा टूटा है|
वो मेरी अम्मी की चुत में लंड आगे पीछे करने लगा| तीन चार झटकों में ही उसे मजा आने लगा और वो बोला- आह || आंटी आपकी भट्टी बड़ी गर्म है|
मेरी अम्मी ने कहा- जरा देर यूं ही लंड अन्दर पड़ा रहने दे, इसकी गर्मी का मजा ले ले|
धीरज से लंड अन्दर पड़ा रहने दिया| उसे चुत की गर्मी बेहद मजा दे रही थी|
फिर वो लंड चुत में अन्दर बाहर करने लगा| शुरू में वो मेरी अम्मी को धीमे धीमे चोदने लगा|
करीब पचास धक्कों के बाद मेरी अम्मी बोलीं- आह साले अब जोर से अन्दर बाहर कर … मुझे भी आग लग रही है|
धीरज ने मेरी अम्मी के चूचे मसले और चुदाई की स्पीड तेज कर दी|
मगर मैं देख रहा था कि मेरी अम्मी को धीरज के 6 इंच के लंड से कोई असर ही नहीं हो रहा था| अम्मी मजे से हंसते हंसते उससे चुदवा रही थीं|
लगभग बीस मिनट बाद धीरज ने अपने लंड का पानी मेरी अम्मी की चूत में छोड़ दिया और उनके ऊपर ढेर हो गया|
वो एक मिनट बाद मेरी अम्मी के ऊपर से उठ कर उनके बाजू में लेट गया| मेरी अम्मी की प्यास शायद अभी बुझी ही नहीं थी| इसलिए मेरी अम्मी फिर से उसका लंड हिलाने लगीं|
कुछ दस मिनट में धीरज का लंड फिर से खड़ा हो गया| अब अम्मी औंधी लेट गईं और धीरज ने ऊपर चढ़ कर मेरी अम्मी की चौड़ी सी गांड में लंड पेल दिया| वो मेरी अम्मी की गांड मारने लगा || और गपागप करते हुए अम्मी की गांड ठोकने लगा|
दस मिनट तक गांड मारने बाद धीरज के लंड का पानी निकलने लगा और उसने सारा लंड रस मेरी अम्मी की मखमली गांड में ही छोड़ दिया|
वो लंड निकाल कर हांफता हुआ बोला- आंटी, बहुत मस्त लगा, अगली बार आपकी बेटी को चोदूंगा| लेकिन मुझे आप अपनी ऐसे में ही एक फोटो दोगी?
अम्मी हंस कर बोलीं- क्यों फोटो का क्या करेगा? क्या रात को फोटो देख कर मुठ मारेगा!
धीरज हंसने लगा और बोला- हां वो भी करूंगा और आपके लिए एक ग्राहक भी लाऊंगा|
अम्मी ने ग्राहक की बात सुनी तो बोलीं- हां … अभी ही खींच लो|
धीरज ने अपने मोबाइल से मेरी अम्मी की नंगी फोटो खींच ली और कपड़े पहन लिए|
फिर उसने अम्मी को चुदाई के पैसे दिए और चला गया|
अगली बार वो मेरी बहन की चुत चुदाई करेगा| तब वो रंडी की चुदाई की कहानी में आपको लिख कर बताऊंगा| हो सकता है कि अगली बार वो किसी और को भी साथ ले आए और वो दोनों मेरी अम्मी और बहन की एक साथ चुदाई का मजा लें|
दोस्तो, आपको मेरी रंडी की चुदाई की कहानी कैसी लगी| मुझे ईमेल पर जरूर बताएं|
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