मेरे पति का देहांत कम उम्र में ही हो गया था | मेरी सेक्स की इच्छा दब कर रह गयी थी | कई साल बाद मेरी चूत में फिर से वासना जगी | मेरी चूत की अधूरी इच्छा कैसे पूरी हुई?
लेखिका की पिछली कहानी: मां को चोदा जंगल में
मेरा नाम शालिनी है | मेरी उम्र 43 साल है | मैं एक विधवा हूं | मेरे पति काफी टाइम पहले गुजर गये | अब मैं, मेरी सासू माँ और मेरा 23 साल का बेटा विशाल हम तीनों ही घर पर रहते हैं |
शरीर से मेरा बेटा विशाल वैसे दुबला पतला है लेकिन उसकी हाइट 6 फिट 2 इंच है | मैं भी जॉब करती हूं | मैं शाम को 7 बजे तक घर आती हूं | हम अच्छे खासे रईस हैं | पैसे की कुछ खास चिंता नहीं है फिर भी सोचती हूं कि खाली दिमाग शैतान का घर न बन जाये इसलिये जॉब करती हूं और थोड़ा दिल भी बहल जाता है |
ऑफिस की सहेलियों से मैंने कुछ किस्से सुने हुए थे | गीता नाम की मेरी एक सहेली है | हम दोनों बहुत अच्छी दोस्त हैं | एक दिन ऑफिस से निकलते वक्त गीता ने मुझे उसके घर पर बुलाया | मेरे ऑफिस और घर के बीच ही गीता का घर लगता है, तो मैं चली गयी | हमने चाय पी और फिर इधर उधर की थोड़ी बातें की |
गीता ने कहा- अरे शालिनी, क्या तुझे मालूम है कि हमारे ऑफिस में क्या चल रहा है?
मैंने कहा- नहीं |
वो बोली- तू किसी को बतायेगी तो नहीं?
मैंने कहा- बात तो बता कि हुआ क्या है?
वो बोली- प्रीति का बाहर एक अपनी उम्र से बड़े आदमी के साथ अफेयर चल रहा है | शीला का अफेयर तो एक ऐसे लड़के के साथ चल रहा है जिसकी उम्र उसके बेटे के जितनी है | उज्जवला तो एक पार्लर से लड़के लेकर आती है | उसका एक पार्लर वाली के साथ कॉन्टेक्ट है जहां से यंग लड़के आते हैं | वो उन लड़कों के साथ मजे लेती है |
मैंने कहा- क्या बात कर रही है तू? ये सब तो शादीशुदा हैं और अच्छे घर से ताल्लुक रखती हैं |
गीता बोली- एक बार जब बाहर का खाना खाने की आदत लग जाती है तो घर का खाना बेस्वाद लगने लगता है |
मैंने कहा- बात तो तेरी ठीक है | फिर भी यार कैसे कर लेती हैं ये लोग ये सब |
वो बोली- सब चलता है | कुछ नहीं होता यार!
उस दिन जब मैं घर आई तो मेरे दिमाग में गीता के मुंह से सुनी हुई बातें ही चल रही थीं | रात को भी मैं करवट बदलती रही | मुझे नींद नहीं आ रही थी | मैं सोच सोच कर परेशान सी होने लगी |
फिर मेरे दिमाग में कुछ आया और मैं अपने बेटे विशाल के रूम की ओर चली | मैं आपको बता दूं कि मेरी हाइट 5 |5 फीट है | शरीर से प्लस साइज की हूं | चबी हूं | मेरे स्तन 41 के हैं | डबल डी की ब्रा पहनती हूं | मेरी कमर 38 की है और गांड 48 की है |
मेरे बेटे विशाल के जन्म लेने के बाद डॉक्टर ने मेरे लिए सेक्स के लिये मनाही कर दी थी | डॉक्टर का कहना था कि सेक्स करने से मेरी चूत में इन्फेक्शन हो सकता है | इसलिए मेरे पति और मेरे बीच सेक्स होना बंद हो गया था |
विशाल के पैदा होने के कुछ महीने के बाद ही मेरे पति की मृत्यु हो गयी थी हार्ट अटैक के कारण | उसके बाद फिर मैं घर को संभालने में लग गयी और सेक्स की ओर कभी ध्यान ही नहीं गया |
तो जब मैं विशाल के रूम में गयी तो उसके हाथ में कोई किताब थी | मुझे देख कर उसने किताब को तकिये के नीचे रख दिया |
मैंने कहा- विशाल तुम पढ़ रहे हो क्या?
वो बोला- नहीं अम्मा, बताओ क्या बात है |
मैं बोली- कुछ नहीं, मुझे तुमसे कुछ बात करनी थी |
उसने कहा- हां, तो कहो अम्मा |
मैंने कहा- क्या तुम लाईट ऑफ कर सकते हो? नहीं तो मैं बात नहीं कर पाऊंगी |
वैसे आते वक्त मैंने अंदर से कुंडी लगा दी थी | मेरे कहने पर विशाल ने लाइट ऑफ कर दी |
मैंने कहा- बेटा, बात थोड़ी अजीब है, ये हम दोनों के बीच में ही रहनी चाहिए |
उसने कहा- ठीक है |
मैं बोली- मैं चाहती हूं कि तुम मेरे साथ …
ये कहते कहते मैं रुक गयी |
उसने कहा- आपके साथ… क्या?
मैंने कहा- मेरे साथ… | वो!
उसने कहा- हां बताओ तो, क्या आपके साथ?
मैंने कहा- मैं चाहती हूं कि तू मेरे साथ सेक्स करे!
ये बात सुन कर विशाल ने कुछ नहीं कहा | मेरी भी कुछ और हिम्मत नहीं हो रही थी कुछ कहने की | हम दोनों कुछ देर के लिए चुप हो गये |
फिर मैंने दोबारा से बात शुरू करते हुए कहा- तुम्हारे पिताजी को गुजरे हुए काफी वक्त हो चुका है | तुम मेरी इच्छा को समझ सकते हो | उस समय डॉक्टर ने कहा था कि अगर मैं सेक्स करूंगी तो वैजाइना में संक्रमण हो सकता है | इसलिए तेरे पिताजी के साथ भी मैं सेक्स नहीं कर पा रही थी | अब मैं 43 की हो गयी हूं और मेरे अंदर सेक्स करने की इच्छा फिर से जाग गयी है |
रूम एकदम शांत था और पूरा अंधेरा था |
मैंने कहा- क्यों क्या हुआ… तू भी तो जवान और समझदार है अब, और मुझे मालूम है एक बात | तू इंटरनेट पर किस टाईप की साईट देखता है | एक दिन मैं तेरे रूम में सफाई कर रही थी, तब तू नहाने गया था और मेरा हाथ गलती से तेरे कम्प्यूटर के माऊस पर लगा | मैंने देखा कि उसमें एक दुबला पतला लड़का मोटी औरत के साथ चुदाई कर रहा था |
उसके बाद एक दिन जब तू बाहर गया हुआ था तो मैं तेरे रूम में साफ-सफाई कर रही थी और मुझे कुछ अश्लील किताबें मिलीं | उसमें भी एक पतला सा लड़का मोटी औरत के साथ सेक्स कर रहा था |
मैं जानती हूं कि तू अभी भी वही किताब देख रहा था | तू किताबों में अश्लील फोटो देखता है और मैं तेरे सामने आज एक खुली किताब बन कर आयी हूं |
रूम में अंधेरा ही था और विशाल ने तुरंत अपना हाथ मेरे मुंह की ओर किया और मेरे मुंह को अपनी ओर करके मेरे होंठों को चूसने लगा | कुछ पल के बाद ही उसने मेरी साड़ी के पल्लू को दोनों हाथों से उतारते हुए मेरे ब्लाउज के ऊपर से मेरे दोनों बोबले (बूब्स) दबा दिये |
उसने मेरे ब्लाउज को खींच कर फाड़ दिया क्योंकि अंधेरे में ब्लाउज खोलना पॉसीबल नहीं था | मेरे बूब्स को नंगा करके वो उनको जोर जोर से दबाने और मसलने लगा | वो काफी उत्तेजित हो गया था |
उसने वैसे ही मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरी साड़ी ऊपर की और मेरे ऊपर चढ़ गया | एक तरफ वो मेरे मुंह में मुंह लगा कर मेरी जीभ को खींच रहा था और दूसरी ओर मेरे मोटे मोटे बोबलों को कस कर मसल रहा था | वो कुछ ज्यादा ही एग्रेसिव हो रहा था | मैंने सोचा कि इसको थोड़ा रोकना होगा |
मैंने कहा- आराम से विशाल… आह्ह … धीरे करो बेटा, सब कुछ होगा लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता।
मेरी बात सुनकर वो रुक गया |
मगर तब तक उसकी उत्तेजना इतनी ज्यादा बढ़ गयी थी कि उसका वीर्य उसकी पैंट में ही निकल गया | मैंने उसके लंड पर हाथ लगा कर देखा तो उसकी पैंट गीली हो गयी थी | इस पर मेरी हँसी निकल गयी |
उसको प्यार से समझाते हुए कहा- कोई बात नहीं, आज के लिये इतना ही बहुत है | बाकी हम लोग कल कर लेंगे |
उसने कहा- कल, पक्का? प्रॉमिस?
मैंने कहा- हां प्रॉमिस, लेकिन एक बात और भी है” |
उसने पूछा- एक बात और क्या?
मैंने कहा- तुझे मेरी बुर नहीं, तुझे मेरी गांड मारनी होगी |
उसने कहा- जो भी है, मुझे अच्छा लगेगा |
वो रात वैसे ही गयी | रात भर हम दोनों बेड पर पड़े रहे | उसने अपने लंड को मेरी जांघों के बीच में ही पड़े रहने दिया | फिर सुबह जल्दी उठ कर मैं अपने रूम में गयी | मैंने अपना पल्लू संभालते हुए ऊपर कर लिया | रात में उसने मेरा ब्लाउज फाड़ दिया था |
अगले दिन फिर मैं ऑफिस नहीं गयी |
वो किचन में आया और बोला- आज आप ऑफिस नहीं जा रही क्या?
मैंने कहा- नहीं, आज नहीं जा रही हूं | आज तुम भी कॉलेज नहीं जा रहे हो?
उसने कहा- कॉलेज में स्पोर्ट्स चल रहा है और हमारा मैच नहीं है | इसलिए मैं नहीं जा रहा |
फिर उसने मेरी गर्दन को चूमा और मेरे बूब्स को दबा दिया | मेरे मुंह से आह्ह … निकल गया |
मैंने कहा- क्या कर रहा है, बाहर तेरी दादी है |
मगर उसने फिर से मेरे बूब्स को दबा दिया और किस करने लगा |
मैंने उसको पीछे किया और फिर नाश्ता तैयार किया |
कुछ देर के बाद घर में कुछ मेहमान आ गये | वो उनके साथ बैठा और फिर बाहर चला गया |
जाते वक्त उसने कहा- मैसेज पर ऑनलाइन रहना |
फिर मेरी सासू मां खाना खाकर उन मेहमानों के साथ बाहर चली गयी | दोपहर के 2 बजे का वक्त हो गया था |
मैंने विशाल को मैसेज किया- कहां है तू?
वो बोला- मैं अभी बाहर हूं, अभी थोड़ा टाइम लगेगा |
मैंने कहा- ठीक है, मैं जरा बाहर जा रही हूं, देर शाम तक लौटूंगी | सासू मां भी मेहमानों के साथ में गयी हुई है | कल सुबह ही लौटेगी |
विशाल ने ये मैसेज पढ़कर स्मायली भेजा |
फिर मैंने सोचा कि आज कुछ अलग करते हैं | मैंने विशाल को भी ये मैसेज भेज दिया कि आज कुछ नया करेंगे |
विशाल से मैंने कहा कि जैसा मैं कहूं तुम वैसे ही करना |
उसने भी रिप्लाइ किया कि ठीक है |
मैं बाहर गयी और आते वक्त मैंने शॉपिंग की | शाम के 5 बज गये थे | विशाल घर में ही सोया था | वो उठ गया | उठते ही वो मेरे पास आ गया और मेरे बदन के साथ खेलने लगा |
उससे मैंने कहा- पहले तुम नहा लो और मगर अंदर जाने से पहले ये दूध पी लो |
मैंने कह कर दूध का गिलास टेबल पर रख दिया |
वो बोला- मुझे तो आपका दूध पीना है अम्मा |
मैंने कहा- मेरा दूध भी मिलेगा लेकिन अभी तुम ये ही पियो |
मेरे कहने पर उसने दूध पीया | उसने कहा कि उसका स्वाद कुछ अजीब सा लग रहा है |
मुझे आयुर्वेद का ज्ञान था तो मैंने उस दूध में कुछ जड़ी-बूटी मिला दी थी | मैंने ऐसा इसलिए किया कि ताकि विशाल के अंदर सेक्स का स्टेमिना ज्यादा देर तक बना रहे और हम दोनों मां-बेटा अपनी चुदाई का मजा ज्यादा देर तक ले पायें |
दूध पीने के बाद विशाल नहाने के लिए चला गया | फिर मैंने मैसेज किया कि नहाने के बाद वो अपने रूम में ही रहे और गद्दी बिछाये रखे | मुझे मालूम था कि दूध पीने के बाद उसका असर जरूर होगा |
मैंने भी अपने दूध वही बूटी मिलाई और पी गयी | मैं जानती थी कि दूध पीने के बाद विशाल एकदम से शैतान की तरह उत्तेजित हो जायेगा और मुझे बुरी तरह से चोदेगा |
उसके बाद मैं नहाने के लिए चली गयी | नहा कर मैंने घर के सारे खिड़की दरवाजे चेक किये कि सब अच्छी तरह से बंद हैं | मैंने देखा कि सोसाइटी के बच्चों के खेलने का शोर भी कम हो गया था |
नहाने के बाद मैंने नेट ड्रॉप वेल पहन लिया | मैंने वो शॉपिंग करते टाइम खरीदा था | ऐसा पहनावा क्रिश्चियन वधू शादी के टाईम पेहनती है, जालीवाला वो जो सिर से लेकर जमीन तक होता है | पीछे की तरफ वो बिल्कुल नीचे तक था और आगे की ओर मैं नंगी थी |
शाम के 7 |30 बज चुके थे | मैं विशाल के रूम में गयी | वो सामने गद्दी पर ही बैठा हुआ था | वो पूरा नंगा था | मैं उसके सामने खड़ी हुई थी | आधी अधूरी नंगी थी मैं | एकदम वासना से भरी हुई |
कुछ देर तक वो मेरी ओर देखता रहा | फिर उठकर मेरे पास आया और मेरे होंठों पर होंठ रख दिये | फिर मेरे बूब्स को उसने पकड़ लिया | मेरे बोबले जोर से दबाते हुए वो मेरे होंठों को किस करने लगा और हम मां बेटे एक दूसरे के होंठों का रस पीने लगे |
मेरा हाथ उसके लंड पर पहुंच गया | उसका लंड पहले से ही तना हुआ था | उसका लंड आज ज्यादा जोश में लग रहा था | बहुत ही दमदार तरीके से उठा हुआ था उसका लंड | दूध का पूरा असर हुआ था उस पर | मैं उसके लंड को सहलाने लगी |
फिर वो मेरा हाथ पकड़ कर नीचे गद्दी पर ले गया मुझे | मैं नीचे गद्दी पर पैर फैलाकर लेट गयी | मैं जान गयी थी कि आज मेरे बेटे का लंड उसकी मां की चूत जरूर फाड़ेगा |
जैसे मैंने टांगें फैलायी विशाल ने मेरी चूत में मुंह लगा दिया और मेरी चूत को चाटने लगा | मैं मदहोश होने लगी | मेरे मुंह से अपने आप ही आवाजें आने लगीं- हू … आ… ओ … आऊच करके मैं अपनी चूत को चटवा रही थी |
अब उसने अपना लंड मेरी चूत के होल पर रखा और एक हल्का सा धक्का दिया | मैं हल्के से चिल्लायी और फिर उसने दोबारा से धक्का दे दिया | उसका लंड थोड़ा अंदर गया और फिर उसने बाहर निकाल लिया |
वो बोला- आपको तो अंदर दिक्कत है |
मैंने कहा- कोई बात नहीं | तुम पूरा मत डालना, आधा ही डालना | हल्के हल्के से ही आगे पीछे करना ताकि तुझे भी चूत चोदने का आनंद मिले और मुझे भी लंड से चुदने का आनंद मिले |
कुछ देर तक विशाल ने ऐसा ही किया | वो हल्के हल्के धक्के लगाता रहा | मुझे मजा आने लगा | फिर मुझसे रुका न गया | मेरा मन कर रहा था कि बेटे के लंड को अपनी चूत में पूरा घुसवा लूं मगर अंदर इंफेक्शन का डर था |
मैंने विशाल से कहा- चल बेटा, अब मेरी गांड को चोद दे |
उसने मेरे पैर ऊपर किये और मेरी गांड में लंड को घुसाने की कोशिश करने लगा | मेरी गांड बहुत ज्यादा मोटी थी | इसलिए पोजीशन जम नहीं रही थी |
वो बोला- अम्मा, डॉगी स्टाइल में हो जाओ |
मैंने कहा- तुम्हारा मतलब, मैं तुम्हारी कुतिया बन जाऊं |
वो बोला- हां, मैं तुम्हें कुत्ते की तरह चोदूंगा |
उसके कहने पर मैं घुटनों पर बैठ गयी | मेरे चूतड़ ऊपर की ओर थे | उसने मेरी ड्रेस को ऊपर किया और फिर अपने लंड को मेरी गांड के छेद पर रखा | फिर उसने अपने लंड पर थूक लगाया और मेरी गांड में लंड का धक्का दे दिया |
मैं चिल्लायी- आह्ह, आऊच … आराम से विशाल | दर्द हो रहा है |
मगर अब वो नहीं रुका | उसने लंड को अंदर घुसेड़ना चालू रखा | उसका आधे से ज्यादा लंड मेरी गांड में जा चुका था | फिर मैंने कमर को हिला कर उसके लंड को गांड में एडजस्ट किया |
आधा लंड ही गया था | फिर उसने अपने लंड पर थूका और फिर से जोर लगाया | उसका पूरा लंड मेरी गांड में चला गया | अब मुझे भी मजा आने लगा | उसका लंड मेरे चूतड़ों में दर्द भी दे रहा था और मजा भी |
मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी | हम दोनों ही अपने अपने चूतड़ों और कमर को हिलाकर चुदाई का मजा लेने लगे | मुझे गांड चुदवाने में मजा आने लगा | विशाल भी मेरी गांड को मस्त होकर चोद रहा था |
कुछ देर के बाद वो बोला- अम्मा, मेरा होने वाला है |
मैंने कहा- हां बेटा, निकाल दे | अपना पूरा पानी मेरी गांड में निकाल दे | मेरे चूतड़ों को अपने वीर्य से भर दे |
उसकी स्पीड बढने लगी | वो तेजी से मेरी गांड में धक्के लगाने लगा | मेरी गांड को चोदते हुए वो मेरे बोबले भी दबा रहा था | फिर उसने अपने शरीर का पूरा वजन मेरे ऊपर डाल दिया और मुझे जकड़ लिया |
मैं समझ गयी कि उसका पानी निकल रहा है | मेरे चूतड़ उसके वीर्य से भरने लगे | मैं उसके गर्म वीर्य को अपने चूतड़ों में महसूस कर रही थी | फिर वो मेरे ऊपर लेट गया | कुछ देर तक वो ऐसे ही पड़ा रहा |
मुंह घुमाकर मैंने घड़ी में टाइम देखा तो रात के 9 बज चुके थे | उसने मुझे पौना घंटा चोदा | उसके बाद फिर उस रात को मेरे बेटे ने मेरी चुदाई लगभग 6 बार की | मेरी गांड फट गयी | मगर मुझे मजा भी बहुत आया अपने बेटे के लंड से चुद कर |
मेरी सासू मां के आने तक हम मां-बेटे ने कई बार चुदाई की | जब उसकी दादी वापस आ गयी तो फिर नॉर्मल ही रहने लगे | जब भी हमें चान्स मिलता था हम लोग चुदाई करने लगे |
रात को मैं विशाल के रूम में चुदने के लिए चली जाती थी और सुबह को सासू मां की नींद खुलने से पहले वापस आ जाती थी | एक दिन तो सासू मां घर पर ही थी | उस दिन तो हमने बाथरूम में चुदाई की |
इस तरह से मेरे बेटे ने मेरी वासना को पूरी किया | अब वो मेरा बेटा ही नहीं, मेरा बॉयफ्रेंड और मेरा पति भी है | अब हम दोनों लवर के जैसे हो गये हैं | वो मेरी हर बात का खयाल रखता है और मैं भी उसको अपने पति के जैसे रखती हूं |
लेखिका की पिछली कहानी: मां को चोदा जंगल में
मेरा नाम शालिनी है | मेरी उम्र 43 साल है | मैं एक विधवा हूं | मेरे पति काफी टाइम पहले गुजर गये | अब मैं, मेरी सासू माँ और मेरा 23 साल का बेटा विशाल हम तीनों ही घर पर रहते हैं |
शरीर से मेरा बेटा विशाल वैसे दुबला पतला है लेकिन उसकी हाइट 6 फिट 2 इंच है | मैं भी जॉब करती हूं | मैं शाम को 7 बजे तक घर आती हूं | हम अच्छे खासे रईस हैं | पैसे की कुछ खास चिंता नहीं है फिर भी सोचती हूं कि खाली दिमाग शैतान का घर न बन जाये इसलिये जॉब करती हूं और थोड़ा दिल भी बहल जाता है |
ऑफिस की सहेलियों से मैंने कुछ किस्से सुने हुए थे | गीता नाम की मेरी एक सहेली है | हम दोनों बहुत अच्छी दोस्त हैं | एक दिन ऑफिस से निकलते वक्त गीता ने मुझे उसके घर पर बुलाया | मेरे ऑफिस और घर के बीच ही गीता का घर लगता है, तो मैं चली गयी | हमने चाय पी और फिर इधर उधर की थोड़ी बातें की |
गीता ने कहा- अरे शालिनी, क्या तुझे मालूम है कि हमारे ऑफिस में क्या चल रहा है?
मैंने कहा- नहीं |
वो बोली- तू किसी को बतायेगी तो नहीं?
मैंने कहा- बात तो बता कि हुआ क्या है?
वो बोली- प्रीति का बाहर एक अपनी उम्र से बड़े आदमी के साथ अफेयर चल रहा है | शीला का अफेयर तो एक ऐसे लड़के के साथ चल रहा है जिसकी उम्र उसके बेटे के जितनी है | उज्जवला तो एक पार्लर से लड़के लेकर आती है | उसका एक पार्लर वाली के साथ कॉन्टेक्ट है जहां से यंग लड़के आते हैं | वो उन लड़कों के साथ मजे लेती है |
मैंने कहा- क्या बात कर रही है तू? ये सब तो शादीशुदा हैं और अच्छे घर से ताल्लुक रखती हैं |
गीता बोली- एक बार जब बाहर का खाना खाने की आदत लग जाती है तो घर का खाना बेस्वाद लगने लगता है |
मैंने कहा- बात तो तेरी ठीक है | फिर भी यार कैसे कर लेती हैं ये लोग ये सब |
वो बोली- सब चलता है | कुछ नहीं होता यार!
उस दिन जब मैं घर आई तो मेरे दिमाग में गीता के मुंह से सुनी हुई बातें ही चल रही थीं | रात को भी मैं करवट बदलती रही | मुझे नींद नहीं आ रही थी | मैं सोच सोच कर परेशान सी होने लगी |
फिर मेरे दिमाग में कुछ आया और मैं अपने बेटे विशाल के रूम की ओर चली | मैं आपको बता दूं कि मेरी हाइट 5 |5 फीट है | शरीर से प्लस साइज की हूं | चबी हूं | मेरे स्तन 41 के हैं | डबल डी की ब्रा पहनती हूं | मेरी कमर 38 की है और गांड 48 की है |
मेरे बेटे विशाल के जन्म लेने के बाद डॉक्टर ने मेरे लिए सेक्स के लिये मनाही कर दी थी | डॉक्टर का कहना था कि सेक्स करने से मेरी चूत में इन्फेक्शन हो सकता है | इसलिए मेरे पति और मेरे बीच सेक्स होना बंद हो गया था |
विशाल के पैदा होने के कुछ महीने के बाद ही मेरे पति की मृत्यु हो गयी थी हार्ट अटैक के कारण | उसके बाद फिर मैं घर को संभालने में लग गयी और सेक्स की ओर कभी ध्यान ही नहीं गया |
तो जब मैं विशाल के रूम में गयी तो उसके हाथ में कोई किताब थी | मुझे देख कर उसने किताब को तकिये के नीचे रख दिया |
मैंने कहा- विशाल तुम पढ़ रहे हो क्या?
वो बोला- नहीं अम्मा, बताओ क्या बात है |
मैं बोली- कुछ नहीं, मुझे तुमसे कुछ बात करनी थी |
उसने कहा- हां, तो कहो अम्मा |
मैंने कहा- क्या तुम लाईट ऑफ कर सकते हो? नहीं तो मैं बात नहीं कर पाऊंगी |
वैसे आते वक्त मैंने अंदर से कुंडी लगा दी थी | मेरे कहने पर विशाल ने लाइट ऑफ कर दी |
मैंने कहा- बेटा, बात थोड़ी अजीब है, ये हम दोनों के बीच में ही रहनी चाहिए |
उसने कहा- ठीक है |
मैं बोली- मैं चाहती हूं कि तुम मेरे साथ …
ये कहते कहते मैं रुक गयी |
उसने कहा- आपके साथ… क्या?
मैंने कहा- मेरे साथ… | वो!
उसने कहा- हां बताओ तो, क्या आपके साथ?
मैंने कहा- मैं चाहती हूं कि तू मेरे साथ सेक्स करे!
ये बात सुन कर विशाल ने कुछ नहीं कहा | मेरी भी कुछ और हिम्मत नहीं हो रही थी कुछ कहने की | हम दोनों कुछ देर के लिए चुप हो गये |
फिर मैंने दोबारा से बात शुरू करते हुए कहा- तुम्हारे पिताजी को गुजरे हुए काफी वक्त हो चुका है | तुम मेरी इच्छा को समझ सकते हो | उस समय डॉक्टर ने कहा था कि अगर मैं सेक्स करूंगी तो वैजाइना में संक्रमण हो सकता है | इसलिए तेरे पिताजी के साथ भी मैं सेक्स नहीं कर पा रही थी | अब मैं 43 की हो गयी हूं और मेरे अंदर सेक्स करने की इच्छा फिर से जाग गयी है |
रूम एकदम शांत था और पूरा अंधेरा था |
मैंने कहा- क्यों क्या हुआ… तू भी तो जवान और समझदार है अब, और मुझे मालूम है एक बात | तू इंटरनेट पर किस टाईप की साईट देखता है | एक दिन मैं तेरे रूम में सफाई कर रही थी, तब तू नहाने गया था और मेरा हाथ गलती से तेरे कम्प्यूटर के माऊस पर लगा | मैंने देखा कि उसमें एक दुबला पतला लड़का मोटी औरत के साथ चुदाई कर रहा था |
उसके बाद एक दिन जब तू बाहर गया हुआ था तो मैं तेरे रूम में साफ-सफाई कर रही थी और मुझे कुछ अश्लील किताबें मिलीं | उसमें भी एक पतला सा लड़का मोटी औरत के साथ सेक्स कर रहा था |
मैं जानती हूं कि तू अभी भी वही किताब देख रहा था | तू किताबों में अश्लील फोटो देखता है और मैं तेरे सामने आज एक खुली किताब बन कर आयी हूं |
रूम में अंधेरा ही था और विशाल ने तुरंत अपना हाथ मेरे मुंह की ओर किया और मेरे मुंह को अपनी ओर करके मेरे होंठों को चूसने लगा | कुछ पल के बाद ही उसने मेरी साड़ी के पल्लू को दोनों हाथों से उतारते हुए मेरे ब्लाउज के ऊपर से मेरे दोनों बोबले (बूब्स) दबा दिये |
उसने मेरे ब्लाउज को खींच कर फाड़ दिया क्योंकि अंधेरे में ब्लाउज खोलना पॉसीबल नहीं था | मेरे बूब्स को नंगा करके वो उनको जोर जोर से दबाने और मसलने लगा | वो काफी उत्तेजित हो गया था |
उसने वैसे ही मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरी साड़ी ऊपर की और मेरे ऊपर चढ़ गया | एक तरफ वो मेरे मुंह में मुंह लगा कर मेरी जीभ को खींच रहा था और दूसरी ओर मेरे मोटे मोटे बोबलों को कस कर मसल रहा था | वो कुछ ज्यादा ही एग्रेसिव हो रहा था | मैंने सोचा कि इसको थोड़ा रोकना होगा |
मैंने कहा- आराम से विशाल… आह्ह … धीरे करो बेटा, सब कुछ होगा लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता।
मेरी बात सुनकर वो रुक गया |
मगर तब तक उसकी उत्तेजना इतनी ज्यादा बढ़ गयी थी कि उसका वीर्य उसकी पैंट में ही निकल गया | मैंने उसके लंड पर हाथ लगा कर देखा तो उसकी पैंट गीली हो गयी थी | इस पर मेरी हँसी निकल गयी |
उसको प्यार से समझाते हुए कहा- कोई बात नहीं, आज के लिये इतना ही बहुत है | बाकी हम लोग कल कर लेंगे |
उसने कहा- कल, पक्का? प्रॉमिस?
मैंने कहा- हां प्रॉमिस, लेकिन एक बात और भी है” |
उसने पूछा- एक बात और क्या?
मैंने कहा- तुझे मेरी बुर नहीं, तुझे मेरी गांड मारनी होगी |
उसने कहा- जो भी है, मुझे अच्छा लगेगा |
वो रात वैसे ही गयी | रात भर हम दोनों बेड पर पड़े रहे | उसने अपने लंड को मेरी जांघों के बीच में ही पड़े रहने दिया | फिर सुबह जल्दी उठ कर मैं अपने रूम में गयी | मैंने अपना पल्लू संभालते हुए ऊपर कर लिया | रात में उसने मेरा ब्लाउज फाड़ दिया था |
अगले दिन फिर मैं ऑफिस नहीं गयी |
वो किचन में आया और बोला- आज आप ऑफिस नहीं जा रही क्या?
मैंने कहा- नहीं, आज नहीं जा रही हूं | आज तुम भी कॉलेज नहीं जा रहे हो?
उसने कहा- कॉलेज में स्पोर्ट्स चल रहा है और हमारा मैच नहीं है | इसलिए मैं नहीं जा रहा |
फिर उसने मेरी गर्दन को चूमा और मेरे बूब्स को दबा दिया | मेरे मुंह से आह्ह … निकल गया |
मैंने कहा- क्या कर रहा है, बाहर तेरी दादी है |
मगर उसने फिर से मेरे बूब्स को दबा दिया और किस करने लगा |
मैंने उसको पीछे किया और फिर नाश्ता तैयार किया |
कुछ देर के बाद घर में कुछ मेहमान आ गये | वो उनके साथ बैठा और फिर बाहर चला गया |
जाते वक्त उसने कहा- मैसेज पर ऑनलाइन रहना |
फिर मेरी सासू मां खाना खाकर उन मेहमानों के साथ बाहर चली गयी | दोपहर के 2 बजे का वक्त हो गया था |
मैंने विशाल को मैसेज किया- कहां है तू?
वो बोला- मैं अभी बाहर हूं, अभी थोड़ा टाइम लगेगा |
मैंने कहा- ठीक है, मैं जरा बाहर जा रही हूं, देर शाम तक लौटूंगी | सासू मां भी मेहमानों के साथ में गयी हुई है | कल सुबह ही लौटेगी |
विशाल ने ये मैसेज पढ़कर स्मायली भेजा |
फिर मैंने सोचा कि आज कुछ अलग करते हैं | मैंने विशाल को भी ये मैसेज भेज दिया कि आज कुछ नया करेंगे |
विशाल से मैंने कहा कि जैसा मैं कहूं तुम वैसे ही करना |
उसने भी रिप्लाइ किया कि ठीक है |
मैं बाहर गयी और आते वक्त मैंने शॉपिंग की | शाम के 5 बज गये थे | विशाल घर में ही सोया था | वो उठ गया | उठते ही वो मेरे पास आ गया और मेरे बदन के साथ खेलने लगा |
उससे मैंने कहा- पहले तुम नहा लो और मगर अंदर जाने से पहले ये दूध पी लो |
मैंने कह कर दूध का गिलास टेबल पर रख दिया |
वो बोला- मुझे तो आपका दूध पीना है अम्मा |
मैंने कहा- मेरा दूध भी मिलेगा लेकिन अभी तुम ये ही पियो |
मेरे कहने पर उसने दूध पीया | उसने कहा कि उसका स्वाद कुछ अजीब सा लग रहा है |
मुझे आयुर्वेद का ज्ञान था तो मैंने उस दूध में कुछ जड़ी-बूटी मिला दी थी | मैंने ऐसा इसलिए किया कि ताकि विशाल के अंदर सेक्स का स्टेमिना ज्यादा देर तक बना रहे और हम दोनों मां-बेटा अपनी चुदाई का मजा ज्यादा देर तक ले पायें |
दूध पीने के बाद विशाल नहाने के लिए चला गया | फिर मैंने मैसेज किया कि नहाने के बाद वो अपने रूम में ही रहे और गद्दी बिछाये रखे | मुझे मालूम था कि दूध पीने के बाद उसका असर जरूर होगा |
मैंने भी अपने दूध वही बूटी मिलाई और पी गयी | मैं जानती थी कि दूध पीने के बाद विशाल एकदम से शैतान की तरह उत्तेजित हो जायेगा और मुझे बुरी तरह से चोदेगा |
उसके बाद मैं नहाने के लिए चली गयी | नहा कर मैंने घर के सारे खिड़की दरवाजे चेक किये कि सब अच्छी तरह से बंद हैं | मैंने देखा कि सोसाइटी के बच्चों के खेलने का शोर भी कम हो गया था |
नहाने के बाद मैंने नेट ड्रॉप वेल पहन लिया | मैंने वो शॉपिंग करते टाइम खरीदा था | ऐसा पहनावा क्रिश्चियन वधू शादी के टाईम पेहनती है, जालीवाला वो जो सिर से लेकर जमीन तक होता है | पीछे की तरफ वो बिल्कुल नीचे तक था और आगे की ओर मैं नंगी थी |
शाम के 7 |30 बज चुके थे | मैं विशाल के रूम में गयी | वो सामने गद्दी पर ही बैठा हुआ था | वो पूरा नंगा था | मैं उसके सामने खड़ी हुई थी | आधी अधूरी नंगी थी मैं | एकदम वासना से भरी हुई |
कुछ देर तक वो मेरी ओर देखता रहा | फिर उठकर मेरे पास आया और मेरे होंठों पर होंठ रख दिये | फिर मेरे बूब्स को उसने पकड़ लिया | मेरे बोबले जोर से दबाते हुए वो मेरे होंठों को किस करने लगा और हम मां बेटे एक दूसरे के होंठों का रस पीने लगे |
मेरा हाथ उसके लंड पर पहुंच गया | उसका लंड पहले से ही तना हुआ था | उसका लंड आज ज्यादा जोश में लग रहा था | बहुत ही दमदार तरीके से उठा हुआ था उसका लंड | दूध का पूरा असर हुआ था उस पर | मैं उसके लंड को सहलाने लगी |
फिर वो मेरा हाथ पकड़ कर नीचे गद्दी पर ले गया मुझे | मैं नीचे गद्दी पर पैर फैलाकर लेट गयी | मैं जान गयी थी कि आज मेरे बेटे का लंड उसकी मां की चूत जरूर फाड़ेगा |
जैसे मैंने टांगें फैलायी विशाल ने मेरी चूत में मुंह लगा दिया और मेरी चूत को चाटने लगा | मैं मदहोश होने लगी | मेरे मुंह से अपने आप ही आवाजें आने लगीं- हू … आ… ओ … आऊच करके मैं अपनी चूत को चटवा रही थी |
अब उसने अपना लंड मेरी चूत के होल पर रखा और एक हल्का सा धक्का दिया | मैं हल्के से चिल्लायी और फिर उसने दोबारा से धक्का दे दिया | उसका लंड थोड़ा अंदर गया और फिर उसने बाहर निकाल लिया |
वो बोला- आपको तो अंदर दिक्कत है |
मैंने कहा- कोई बात नहीं | तुम पूरा मत डालना, आधा ही डालना | हल्के हल्के से ही आगे पीछे करना ताकि तुझे भी चूत चोदने का आनंद मिले और मुझे भी लंड से चुदने का आनंद मिले |
कुछ देर तक विशाल ने ऐसा ही किया | वो हल्के हल्के धक्के लगाता रहा | मुझे मजा आने लगा | फिर मुझसे रुका न गया | मेरा मन कर रहा था कि बेटे के लंड को अपनी चूत में पूरा घुसवा लूं मगर अंदर इंफेक्शन का डर था |
मैंने विशाल से कहा- चल बेटा, अब मेरी गांड को चोद दे |
उसने मेरे पैर ऊपर किये और मेरी गांड में लंड को घुसाने की कोशिश करने लगा | मेरी गांड बहुत ज्यादा मोटी थी | इसलिए पोजीशन जम नहीं रही थी |
वो बोला- अम्मा, डॉगी स्टाइल में हो जाओ |
मैंने कहा- तुम्हारा मतलब, मैं तुम्हारी कुतिया बन जाऊं |
वो बोला- हां, मैं तुम्हें कुत्ते की तरह चोदूंगा |
उसके कहने पर मैं घुटनों पर बैठ गयी | मेरे चूतड़ ऊपर की ओर थे | उसने मेरी ड्रेस को ऊपर किया और फिर अपने लंड को मेरी गांड के छेद पर रखा | फिर उसने अपने लंड पर थूक लगाया और मेरी गांड में लंड का धक्का दे दिया |
मैं चिल्लायी- आह्ह, आऊच … आराम से विशाल | दर्द हो रहा है |
मगर अब वो नहीं रुका | उसने लंड को अंदर घुसेड़ना चालू रखा | उसका आधे से ज्यादा लंड मेरी गांड में जा चुका था | फिर मैंने कमर को हिला कर उसके लंड को गांड में एडजस्ट किया |
आधा लंड ही गया था | फिर उसने अपने लंड पर थूका और फिर से जोर लगाया | उसका पूरा लंड मेरी गांड में चला गया | अब मुझे भी मजा आने लगा | उसका लंड मेरे चूतड़ों में दर्द भी दे रहा था और मजा भी |
मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी | हम दोनों ही अपने अपने चूतड़ों और कमर को हिलाकर चुदाई का मजा लेने लगे | मुझे गांड चुदवाने में मजा आने लगा | विशाल भी मेरी गांड को मस्त होकर चोद रहा था |
कुछ देर के बाद वो बोला- अम्मा, मेरा होने वाला है |
मैंने कहा- हां बेटा, निकाल दे | अपना पूरा पानी मेरी गांड में निकाल दे | मेरे चूतड़ों को अपने वीर्य से भर दे |
उसकी स्पीड बढने लगी | वो तेजी से मेरी गांड में धक्के लगाने लगा | मेरी गांड को चोदते हुए वो मेरे बोबले भी दबा रहा था | फिर उसने अपने शरीर का पूरा वजन मेरे ऊपर डाल दिया और मुझे जकड़ लिया |
मैं समझ गयी कि उसका पानी निकल रहा है | मेरे चूतड़ उसके वीर्य से भरने लगे | मैं उसके गर्म वीर्य को अपने चूतड़ों में महसूस कर रही थी | फिर वो मेरे ऊपर लेट गया | कुछ देर तक वो ऐसे ही पड़ा रहा |
मुंह घुमाकर मैंने घड़ी में टाइम देखा तो रात के 9 बज चुके थे | उसने मुझे पौना घंटा चोदा | उसके बाद फिर उस रात को मेरे बेटे ने मेरी चुदाई लगभग 6 बार की | मेरी गांड फट गयी | मगर मुझे मजा भी बहुत आया अपने बेटे के लंड से चुद कर |
मेरी सासू मां के आने तक हम मां-बेटे ने कई बार चुदाई की | जब उसकी दादी वापस आ गयी तो फिर नॉर्मल ही रहने लगे | जब भी हमें चान्स मिलता था हम लोग चुदाई करने लगे |
रात को मैं विशाल के रूम में चुदने के लिए चली जाती थी और सुबह को सासू मां की नींद खुलने से पहले वापस आ जाती थी | एक दिन तो सासू मां घर पर ही थी | उस दिन तो हमने बाथरूम में चुदाई की |
इस तरह से मेरे बेटे ने मेरी वासना को पूरी किया | अब वो मेरा बेटा ही नहीं, मेरा बॉयफ्रेंड और मेरा पति भी है | अब हम दोनों लवर के जैसे हो गये हैं | वो मेरी हर बात का खयाल रखता है और मैं भी उसको अपने पति के जैसे रखती हूं |
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