दोस्तो, मेरा नाम पूजा है और मैं यूपी की रहने वाली हूँ।
मेरे घर में मेरे पति और मेरा बेटा मनोज है।
मनोज 20 साल का है और मेरी उम्र 37 साल है।
मैं अपने पति की सेकंड वाइफ यानि दूसरी पत्नी हूँ। मनोज मेरे पति की पहली पत्नी का बेटा है।
मेरे पति एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं तो वे काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहा करते हैं।
मैं आपको अपनी मां बेटे की चुदाई कहानी बताने जा रही हूँ।
मनोज एक दिन कॉलेज से घर आया और वह लैपटॉप पर पॉर्न मूवी देख रहा था।
मैंने जब उसकी इस हरकत को छिप कर देखा तो वह मॉम सन वाली चुदाई की फिल्म देख रहा था।
तभी हम दोनों की नज़रें मिल गईं तो उसने लैपटॉप को बन्द कर दिया और मैं उससे बिना कुछ कहे उधर से हट गई।
उस दिन मुझसे यही गलती हो गई थी कि मैंने उसे डांटा नहीं।
मेरी चुप्पी का उसने गलत अर्थ लगाया और अब वह मुझे वासना भरी नजरों से देखने लगा।
मैं भी उसकी नजरों को समझने लगी थी मगर कुछ कहती नहीं थी।
शायद इसके पीछे मेरी भी कुछ वासना थी।
मुझे भी अपने पति से सेक्स का सुख नहीं मिल रहा था।
इसलिए मैंने भी सोच लिया था कि यदि ऊपर वाले की मर्जी बेटे के साथ सेक्स करने की होगी, तो मैं उसके साथ सेक्स करूंगी।
जब मैं एक दिन रात को सोने जा रही थी, तो मैंने देखा कि मेरा बेटा मनोज बेडरूम से गायब है।
तभी मैंने देखा कि बाथरूम से कुछ अजीब अजीब सी आवाजें आ रही हैं।
मैं बाथरूम के बाहर खड़ी होकर उन आवाजों को सुनने लगी।
मैंने दरवाजे की झिरी में से झांक कर देखा तो पाया कि वह अन्दर नंगा था और मॉम बेटे की चुदाई वाली वीडियो देख कर मुठ मार रहा था।
उसका लंड देख कर मैं भी गर्म होने लगी थी।
फिर जब वह बाथरूम से बाहर निकलने वाला था तो मैं उससे पहले ही अपने रूम में जाकर सोने का नाटक करने लगी।
कुछ पल बाद वह आया और सो गया।
सुबह जब वह सोकर उठा तो मैंने उसे नाश्ता दिया और वह अपने कॉलेज चला गया।
मेरे पति भी उसी दिन घर आ गए।
जब हम सब रात को डिनर के लिए बैठे तो उस समय मैंने नाइटी पहनी हुई थी।
मेरे बेटे की कामुक नज़रें मेरे मम्मों पर टिकी थीं।
हम तीनों ने डिनर किया और मनोज अपने कमरे में सोने के लिए जाने लगा।
मेरे पति काफी दिन के बाद घर आए थे तो वे मुझे चोदना चाहते थे।
शायद इसीलिए उन्होंने भी मनोज को नहीं रोका जबकि उनको सुबह वापस बाहर जाना था।
मैं अपने कमरे में गई और शोर्ट कपड़े पहन कर सोने की तैयारी करने लगी।
मेरे बेटे का बेडरूम मेरे बेडरूम से सटा हुआ है।
एक घंटा के बाद पति ने कहा- जाकर मनोज को देख आओ कि वह सो गया या नहीं?
मैंने देख कर आई और पति से मुस्कुरा कर बोली- वह सो गया है।
तभी मेरे पति ने मुझे अपनी बांहों में खींच कर मेरे होंठों पर किस कर दिया।
वे मेरे रसभरे होंठों को चूसने लगे और मेरे दूध दबाने लगे।
मैं भी चुदासी हो गई थी।
फिर पतिदेव ने मेरी पैंटी को निकाल दिया और वे मेरे नग्न बदन को चूमने लगे।
नीचे बैठ कर वे मेरी चूत को चाटने लगे।
मेरी मादक आहें निकलने लगीं।
शायद मेरी आवाजों से मेरा बेटा जाग गया और हम दोनों की बातें सुनने लगा।
मेरे पति मेरी चूत को चूसते रहे।
मैं भी कामुक सिसकारियां भरती रही।
कुछ देर बाद मेरे पति ने मुझे चुदाई की पोजीशन में लिटा कर मेरी चूत में अपना लंड पेल दिया और धकापेल चुदाई होने लगी।
मैं भी चुदाई की मस्ती में अपने पति के लंड से खेलने लगी।
हम दोनों ने रात में दो बार चुदाई का मजा लिया और हम दोनों थक कर नंगे ही चिपक कर सो गए।
कुछ देर बाद मुझको अपने बेटे की उसके बेडरूम से कुछ आवाज़ आई।
मैंने कान लगा कर ध्यान से उस आवाज को सुना तो पाया कि मेरा बेटा मुठ मार रहा था और उसकी आह आह की आवाज निकल रही थी।
मैं हल्के से मुस्कुरा कर सो गई।
सुबह मैंने अपने पति व बेटे को नाश्ता दिया और वे दोनों नाश्ता करके जाने लगे।
बेटा कॉलेज चला गया और पति को किसी काम से दस दिन के लिए मुंबई जाना था।
मनोज कॉलेज से 4:00 बजे घर आया और बोला- मम्मी, आज मेरे दोस्त का बर्थडे है, मुझे उसकी पार्टी में जाना है।
मैंने कहा- ठीक है, टाइम से आ जाना।
वह घर से चला गया और दोस्तों के साथ शराब पीकर वापस घर आया।
उस दिन लाइट चली गई थी
मैंने मोमबत्ती जला रखी थी।
वह सर्दी का टाइम चल रहा था, मेरे बेटे ने मुझसे कहा- मम्मी, आप बहुत हॉट लग रही हैं।
मुझको तो पता ही था कि मेरा बेटा मेरा माल चखना चाहता है।
तभी मेरा फोन बजा।
तो मैंने देखा कि उसके पापा का फोन आ रहा था।
मैंने फोन उठाया तो उन्होंने कहा- मैं मुंबई पहुँच गया हूँ।
इसके बाद हाल-चाल को लेकर बात हुई और फोन काट दिया।
कुछ ही देर में मेरे बेटे ने आवाज लगा कर कहा- मम्मी, मुझको ठंड लग रही है।
मैं उसके बेडरूम में जैसे ही गई, उसने मेरे को अपने पास खींच लिया और मेरे गाल चूमने लगा।
मैंने कहा- यह तू क्या कर रहा है? मैं तेरी मॉम हूँ!
तो उसने कहा- आप पापा की पत्नी हो, मेरी सगी मम्मी नहीं!
तभी उसने मेरी चूचियों के ऊपर हाथ रख दिया और होंठों को किस करने लगा।
मैं कुछ नहीं बोल रही थी क्योंकि मुझे मजा आने लगा था।
वह मुझे किस करता गया और मेरे एक दूध को धीरे-धीरे दबाने लगा।
अब मैं भी गर्म हो गई।
उसने मेरी पैंटी को निकाल दिया और बैठ कर चूत को चाटना शुरू कर दिया।
अब मैं और भी गर्म होने लगी और अपने आप को ना संभालते हुए अपने बेटे से चुदने को बेचैन हो गई।
मैं अपने बेटे के सर को अपनी चूत में दबाने लगी और आह आह करती हुई उसके साथ सेक्स का मजा लेने लगी।
जल्द ही उसने मुझे जमीन पर ही चित लिटा दिया और मेरी टांगें फैला कर मेरी चूत में अपना मोटा लंड पेल दिया।
मैं अपने बेटे के जवान लंड का स्वाद लेने लगी और उसे अपनी चूचियां चुसवाने लगी।
वह मुझे धकापेल चोदने लगा और हम दोनों दो प्यासे प्रेमियों की तरह चुदाई का मजा लेने लगे।
मैंने उसे अपना लिया और उसके साथ सारी रात चुदाई का खेल खेला।
हम दोनों ऐसे ही लगातार हर रोज दस दिन तक चुदाई करते रहे।
फिर जब मेरे पति के आने का समय हुआ तो मैं उस रात अपने पति के साथ एक बार चुद कर सो गई।
वे दूसरे दिन वापस बाहर चले गए।
उनके जाने के बाद हम दोनों चुदाई करने लगे।
मैं अपने बेटे के संग चुदाई का खुल कर मजा लेने लगी थी और चुदाई के समय कंडोम आदि का यूज भी नहीं करती थी।
उस वजह से मैं एक दिन प्रेग्नेंट हो गई।
मैंने अपने पति को फोन किया कि मैं पेट से हो गई हूँ।
जब मेरे हज़्बेंड को पता चला कि मैं फिर से मॉम बनने वाली हूँ तो उन्होंने सोचा कि शायद उन्होंने बाहर जाने से पहले मेरे साथ सेक्स किया था, उसी समय के वीर्य से मैं प्रेग्नेंट हो गई हूँ।
मेरे पति बोले- कोई बात नहीं, हम दोनों अपने इस बच्चे को जन्म देंगे।
मैं हंस दी तो वे भी हंस दिए और बधाई देने लगे।
मैंने फोन रख कर अपने बेटे से कहा- यह तेरी औलाद है।
वह भी हंस दिया।
मैं 6 महीने की प्रेग्नेंट थी और अब मैं अपने ही बेटे की औलाद की मॉम बनने वाली थी।
फिर मैंने अपने बच्चे को जन्म दिया।
उस वक्त भी मेरे पति को मेरी परवाह ही नहीं थी।
मेरे बेटे ने ही मेरी देखभाल की।
अब जब मेरा बच्चा 6 महीने का हो गया है, तो मैं अपने बच्चे के असली बाप के साथ गोवा घूमने गई।
हम दोनों वहां दिसंबर के महीने में गये।
वहां जाकर हम दोनों ने होटल बुक किया और हम कैलंगट और बागा बीच पर घूमने गए।
वहां जाकर मैंने देखा कि सारी लड़कियां बिकनी में थीं।
मेरे बेटे ने कहा- मॉम, तुम भी बिकनी में आ जाओ।
अब मैं भी केवल पैंटी और ब्रा में थी।
मैंने अपने बेटे के साथ खूब मस्ती की।
वह मुझसे बोला- मॉम हम कल भी ऐसे ही घूमने आएंगे और मौज करेंगे।
हम दोनों ने वहां पर एक केयरटेकर हायर कर लिया और उसके पास मैंने अपने बेबी को छोड़ कर मौज मस्ती की।
हम दोनों ने 31 दिसंबर की रात को बार में खूब दारू पीकर मस्ती की।
रात में 2:00 बजे हम दोनों अपने कमरे में आए और मेरा बेटा अपने हाथों से अपनी मॉम की चूत को सहलाने लगा।
वह धीरे-धीरे मुझे गर्म करने लगा और मेरे मम्मों को दबाने लगा।
फिर वह मेरी चूत चाटने लगा।
चूत चाटते हुए ही वह अपनी जीभ को चूत के अन्दर घुसेड़ने लगा।
उसने अपने लंड को निकाला और मुझसे लंड चूसने के लिए बोला।
मैं अपने बेटे के लंड को चूसने लगी।
हम दोनों ने 69 की पोजीशन में भी मजा लिया।
फिर मेरे बेटे ने अपनी मॉम की चूत में अपना लंड घुसाया और हम दोनों ने करीब 20 मिनट तक धकापेल चुदाई की।
हम दोनों ने उस रात में दो बार चुदाई की और सो गए।
सुबह उठ कर नाश्ता आदि किया और हम दोनों ने वापस चुदाई का खेल शुरू कर दिया।
हम दोनों ने दस दिन तक रह कर खूब चुदाई गोवा में की और वापस अपने घर आ गए।
अब हमारी चुदाई ऐसे ही धकापेल चलती रहती है।
हम दोनों अपनी जिंदगी में खुश हैं।
यही मेरी मां बेटे की चुदाई कहानी है।
दोस्तो, आपको सेक्स कहानी कैसी लगी?
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