मैंने अपनी सेक्सी साली को चोदा ससुराल की एक शादी में| वो मेरी बीवी की चचेरी बहन थी, कुंवारी थी और अपनी पहली चुदाई का अनुभव लेना चाहती थी|
दोस्तो, मेरा नाम अरमान है| मैं दिल्ली में रहता हूँ, मेरी उम्र 29 साल की है और हाइट 6 फुट है|
आज मैं आप लोगों अपनी जिन्दगी के वो हसीन पल बताने जा रहा हूँ, जो मैंने कभी सोचा भी नहीं था|
ये सेक्स कहानी जिसमें मैंने सेक्सी साली को चोदा, मेरी दूर की साली साहिबा और मेरे बीच हुए उस मिलन की है, जिससे मुझे एक नया एक्सपीरियेन्स मिला था|
ये बात अगस्त 2018 की है| मेरी सगी छोटी साली की शादी थी और मैं अपनी ससुराल मुंबई गया हुआ था|
अभी मेरी शादी को भी 8 महीने ही हुए थे|
तो मेरी पत्नी उधर सभी से मेरा परिचय कुछ अपने रिश्तेदारों से करा रही थी|
उसी बीच मेरी पत्नी ने मुझे अपनी कजिन सिस्टर यानि मेरी साली साहिबा से भी मिलवाया| वो एक महीना पहले ही ऑस्ट्रेलिया से एमबीए करके वापस आई थी|
मैंने अपनी बीवी से उसके बारे में सुना बहुत था … लेकिन देख पहली बार रहा था|
वो देखने में एकदम अप्सरा की तरह थी| उसे देख कर लगा मानो आसमान से कोई परी को धरती पर उतार दिया हो|
उसकी हाइट 5 फुट 10 इंच थी| लंबे हाइलाइटेड बाल, फिगर 35-26-36 का रहा होगा|
उसने इस वक्त ब्लैक ड्रेस पहनी हुई थी| वो जिम वाली फिटनेस मेंटेन किए थी|
चूंकि मैं भी जिम लवर हूँ, तो बॉडी को देखते ही पहचान जाता हूँ|
मैंने उसे देखा तो बस देखता ही रह गया|
उससे कुछ बातें हुईं|
मैंने भी एमबीए किया है, तो हम दोनों आपस में इसी को लेकर कुछ बातचीत करने लगे|
उसी वक्त मेरी पत्नी को उसकी मम्मी ने आवाज़ लगा दी, तो वो चली गई|
हम दोनों ने दस मिनट तक बात की| फिर साली साहिबा ने मुझसे मेरा नंबर ले लिया और कहा- मेरे मतलब का कोई जॉब हो, तो मुझे बताइएगा|
मैंने बोला- हां ज़रूर|
मैंने भी उसका नम्बर ले लिया और अलग होकर अपने अपने काम में इधर उधर हो गए|
मैं उसी रात अपने कमरे में अकेला लेटा हुआ था, सब कहीं ना कहीं शादी की तैयारी में बिज़ी थे|
मेरी पत्नी भी उधर ही कहीं लगी हुई थी|
रात के एक बज रहे थे| उसी समय मैंने साली साहिबा को दूसरे कमरे में जाते देखा तो दस मिनट बाद मैंने उसे व्हाट्सैप पर हाय लिख कर भेज दिया|
उसका भी रिप्लाई आ गया- हाय जीजू … आप अभी तक जाग रहे हैं! … सिमरन कहां है!
मेरी पत्नी का नाम सिमरन है|
मैंने बोला- वो तो शादी की तैयारी में बिज़ी है| आप कहां हो?
साली साहिबा ने बोला- मैं तो बोर हो रही थी … तो रूम में आ गई| बहुत सिर दर्द हो रहा है| ऑस्ट्रेलिया में ऐसा नहीं होता … इतना हौच पौच हो रहा है यहां|
मैंने बोला- जल्दी ही आदत पड़ जाएगी|
हमारी बातचीत कुछ पल के लिए रुक गई|
तभी उसका फिर से एक मैसेज आया- जीजू एक बात बोलूं, आप किसी को बोलेंगे तो नहीं?
मैंने कहा- हां बोलो|
साली साहिबा का मैसेज आया- कहीं से सिगरेट का अरेंज्मेंट हो सकता है क्या? बहुत तलब लग रही है|
मैंने बोला- अच्छा … तभी सिर दर्द हो रहा है|
उसने बोला- प्लीज़ जीजू|
मैंने बोला- छत पर आ जाओ … मैं लेकर आता हूँ| मुझे भी कंपनी मिल जाएगी|
मैं छत पर सिगरेट लेकर गया|
वो एकदम खुश हो गई और मुझे हग करके बोली- थैंक्यू सो मच जीजू|
जैसे ही वो मेरे सीने से लगी, उसके कड़क बूब्स मेरी छाती में धंस से गए और मुझे तो नशा सा चढ़ गया|
हम दोनों ने सिगरेट जलाई और बातें करने लगे|
मैंने पूछा- ऑस्ट्रेलिया में कोई ब्वॉयफ्रेंड!
उसने कहा- मुझे गोरों में इंटरेस्ट नहीं है| वो सिर्फ़ टाइम पास और घूमने-फिरने के लिए काफ़ी हैं|
मैंने बोला- हम्म … तो आपको इंडियन ही चाहिए!
वो बोली- बिल्कुल लेकिन इंडियन लड़कों को समझने के लिए ब्वॉयफ्रेंड बनाना भी ज़रूरी है|
मैंने बोला- हां ये भी सही बात है|
साली साहिबा बोली- परसों शादी में लड़के वाले आएंगे, उनमें से ही किसी को ढूंढ लूंगी … ईज़ी रहेगा|
इतना कह कर वो हंसने लगी|
मैंने बोला- लड़के वाले ही क्यों, लड़की वालों के यहां भी लड़कों की कमी थोड़ी है|
वो बोली- जीजू सब परिचित के हैं … किसी पर भरोसा नहीं किया जा सकता| कोई कब किससे क्या बोल दे … मुझे एक्सपीरियेन्स लेना है, शादी नहीं करनी उससे|
मैं बोला- तो एक काम करो मुझे अपना ब्वॉयफ्रेंड बना लो … मुझ पर तो भरोसा कर सकती हो ना!
वो मजाक़ समझ कर हंसने लगी और बोली- सिमरन मेरा मुँह नोच लेगी|
मैं बोला- नहीं सीरीयस … सिमरन को बताएगा कौन … मुझे भी नई गर्लफ्रेंड का कुछ एक्सपीरियेन्स मिल जाएगा|
वो दो मिनट तक तो चुप रही|
फिर एक स्माइल देकर मुझे आंख मारकर आगे बढ़ी और मुझसे हाथ मिला कर बोली- डन|
अब हम दोनों नीचे आ गए और अपने अपने रूम में चले गए|
अगले दिन थोड़ा व्हाट्सैप पर बात हुई| उसने मुझसे बारात के लिए 2-3 ड्रेस की पिक्स भेजीं कि कौन सी पहनूं|
मैंने एक गोल्डन लहंगा पसंद करके उसे बता दिया|
दूसरे दिन बारात का दिन था|
जब वो तैयार होकर आई तो मैं उसे एकदम से तो पहचान ही नहीं पाया|
वो मेरे सामने से मुझे आंख मार कर निकल गई|
जब वो पास से निकली, तब मैंने उसे पहचाना|
ग़ज़ब की माल लग रही थी| उसे देखते ही मेरा तो लंड खड़ा हो गया और बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया|
मैंने तभी उसे मैसेज किया कि यू लुकिंग सो ब्यूटीफुल … मुझे तुम्हें देखते ही कुछ हो रहा है|
वो बोली- मतलब!
मैं बोला- मतलब क्या हो सकता है … समझो|
वो बोली- मतलब बहुत कुछ हो सकता है जीजू … आप ज़रा खुल कर बताइए ना|
मैं हिम्मत करके बोला- साली साहिबा, मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है| मेरा मन कर रहा है कि तुम्हें कच्चा ही खा जाऊं|
साली साहिबा- खाने को आज बहुत कुछ है जीजू खाने में|
मैं- वो सब नहीं चाहिए आई वांट यू … इन डिनर|
साली साहिबा- ऊहह … रियली नॉट पासिबल जीजू … यहां कुछ नहीं हो सकता|
मैं- अगर तुम आधा घंटे के लिए तीसरी फ्लोर पर आ सको, तो आ जाओ| मेरे पास तुम्हारे लिए एक सरप्राइज़ है|
साली साहिबा- ओके … मैं दस मिनट में इधर मौका देख कर आती हूँ|
जैसे ही वो तीसरे फ्लोर पर आई, मैं उसे एक रूम में ले गया जहाँ बैंक्वेट हॉल का डेकोरेशन का सामान रखा था|
वो बोली- यहां क्या है?
मैं बोला- कुछ नहीं साली साहिबा तुम बहुत हॉट लग रही हो … इसलिए मुझसे रुका नहीं जा रहा है|
वो बोली- कोई आ ज़ाएगा|
मैं बोला- यहां 12 बजे तक कोई नहीं आएगा| अभी 3 घंटे हैं हमारे पास|
मैंने उसका चेहरा पकड़ कर अपने होंठों के करीब किया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए|
हम दोनों ने 4-5 मिनट तक लंबी स्मूच की| इस बीच मैंने उसकी कमर में हाथ भी डाला और उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके बूब्स भी दबाए|
इसे मेरी साली बहुत ज़्यादा सिड्यूस हो चुकी थी|
उसने उसी पल अपना ब्लाउज के बटन खोल दिए ब्लाउज उसके मम्मों से हट कर झूलने लगा|
उसने अपनी ब्रा को भी ऊपर उठा दिया और मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी|
मैंने भी अपनी शर्ट उतार दी|
साली साहिबा को मैंने एक मेज पर लिटाया और उसके मम्मों पर किस करके निप्पल को चूसने लगा|
उसकी मादक आवाजें निकलने लगी थीं- आआ आहह अहह अरमान … गो डाउन गो डाउन|
मैं समझ गया कि साली साहिबा पहले भी ऐसा कुछ ज़रूर कर चुकी है|
तो मैं उसे किस करते हुए नीचे की ओर जाने लगा और उसका लहंगा ऊपर करके उसकी मरमरी टांगों पर चुम्मा करता हुआ उसकी काली पैंटी को उतारने लगा|
मैंने उसकी पैंटी उतारी तो सामने उसकी गोरी चूत थी|
उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था| एकदम चिकनी चमेली चूत थी|
मेरा मन कर रहा था कि साली की चूत को खा जाऊं|
मैं उसकी चूत पर टूट पड़ा|
मैंने उसकी चूत को इतना चाटा इतना चाटा कि वो झड़ गई और उसने मेरे बाल पकड़ कर मुझे रोक दिया|
पर मेरी आग तो अभी नहीं बुझी थी| एक मिनट बाद मैंने अपना लंड पैंट से बाहर निकाला|
मेरा लंड फौलाद की तरह खड़ा था|
मेरे 7 इंच के लंड को देख कर साली साहिबा तो घबरा गई| वो बोली- ये कहां का रॉकेट है अरमान!
मैंने बोला- ख़ास तुम्हारे लिए ये रॉकेट आया है, जो तुम्हें एक नई दुनिया की सैर कराएगा| अब जल्दी से इसमें पेट्रोल भर दो, जिससे ये तुम्हें एक नई दुनिया में ले जा सके|
ये कहते ही मैं लंड निकाल कर मेज पर बैठ गया और वो झुक कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले गई|
कुछ देर तक तो मुझे यकीन नहीं हुआ कि साली साहिबा सच में मेरा लंड चूस रही है|
उसने जमकर मेरा लंड चूसा|
मैंने पूरा लंड उसके मुँह मैं घुसा देना चाहा, पर वो उसके गले से टकरा जाता और वो घबरा कर लंड बाहर निकाल देती|
जब वो मेरा लंड चूसती, तो उसके चूचे तेज़ तेज़ हिल रहे थे| वो ऊपर से नंगी थी … ब्लाउज खुला था और ब्रा के शोल्डर डाउन थे|
मैंने वक्त को खोटी ना करते हुए उसे फिर से मेज पर लेटा दिया| उसका लहंगा ऊपर करके उसकी टांगें खोल दीं और उसे आगे को खींच कर लंड चूत के अन्दर डालने लगा|
पर उसे दर्द हो रहा रहा था|
तब मुझे पता लगा कि साली साहिबा अभी तक किसी से चुदी नहीं है इसने सिर्फ़ ऊपर ऊपर से ही मर्द के मज़े लिए हैं|
मैं सोचता था कि ऑस्ट्रेलिया में रही है तो सब कुछ कर चुकी होगी|
लेकिन मैं गलत था|
वो कुंवारी थी|
मैंने साहिबा का पर्स खोला, उसमें क्रीम रखी थी| मैंने अपने लंड पर क्रीम लगाई और थोड़ी से उसकी चूत की फांकों में भी लगा दी|
उसने टांगें खोल कर चूत चुदाई का इशारा कर दिया| मैंने लंड का सुपारा चूत की फांकों में सैट किया और एक धक्का उसकी चूत में दे मारा|
पहले शॉट में मेरा लंड कुछ अन्दर गया और वो ज़ोर से चिल्लाने को हुई|
मगर मैंने जल्दी से उसके मुँह पर हाथ रख दिया|
उसकी आंखों से आंसू निकल आए पर मैं जरा भी नहीं पसीजा|
मैंने धीरे धीरे करके पूरा लंड चूत के अन्दर घुसा दिया था|
अब वो भी मज़ा ले रही थी| उसकी चूत से रक्त भी निकलने लगा लेकिन मैंने उसे बताया नहीं|
एक मिनट बाद मैंने तेज़ झटके मारना शुरू किए| उसके बूब्स ऐसे हिल रहे थे जैसे खरबूजे रखे हों|
वो हल्की आवाज़ निकाल कर मजा ले रही थी- आअहह अम्म्म … उहह आहह अरमान डोंट बी स्लो बी फास्ट … मुझे मजा आ रहा है|
मैं धकापेल में लग गया|
पांच मिनट बाद मैंने उसे मेज से नीचे उतारा और मेज पर हाथ रख कर घोड़ी बनाकर झुका दिया| पीछे से उसकी चूत में फिर से लंड घुसा दिया|
इस बार उसकी चूत ने मेरे लंड का गर्मजोशी से स्वागत किया|
मैं पिल पड़ा और दस मिनट तक सेक्सी साली को चोदा| उसके बाद मैंने उसकी गांड पर अपना माल झाड़ दिया|
इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी पर उसमें सेक्स अभी भी बहुत था|
मैं झड़ तो गया था … लेकिन उसे एक बार चोदने से मन नहीं भरा था|
फिर साली साहिबा ने उधर रखे टिश्यू पेपर से मेरा लंड साफ किया और उसे फिर से चूसने लगी|
मैंने बोला- चलो डार्लिंग, वापस चलते हैं … कोई हम दोनों को ढूंढ ना रहा हो!
वो बोली- अरमान, एक बार फिर से प्लीज़|
मैं बोला- हनी आधा घंटा हो गया है, बारात के आने का भी टाइम भी हो रहा है, हमें चलना चाहिए|
वो बोली- ठीक है| लेकिन मैं बाद में छत पर आपका वेट करूंगी| ऊपर एक स्टोर रूम खाली है|
मैं उसकी बात सुनकर गर्मा गया और बोला- ठीक है मेरी जान|
उसने अपनी चूत साफ करते हुए ब्लड देखा और बोली- जीजू, साली आधी घरवाली होती है … आपने तो मुझे अपनी पूरी ही घरवाली बना लिया| चलिए एक सिगरेट पिलाओ … फिर चलती हूँ| नीचे सब वेट कर रहे होंगे|
हम दोनों ने एक ही सिगरेट में मजा लिया और नीचे चले गए|
उसे चलने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी … लेकिन थोड़ी देर बाद साली साहिबा ने सब अड्जस्ट कर लिया|
शादी से फ्री होने के बाद करीब 2 बजे रात को हम दोनों घर पहुंच गए|
सभी लोग नीचे हॉल में बैठे थे|
साली साहिबा का 2| 45 पर मुझे मैसेज आया- मैं सिगरेट लेकर छत पर जा रही हूँ … जल्दी आओ|
मैंने ओके लिखा और चेंज करके छत पर चला गया|
वहां पहले हम दोनों ने सिगरेट पी और साली साहिबा मेरे लंड के आगे अपनी गांड लगा कर खड़ी हो गई|
उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी लोवर में डाल दिया और अपनी चूत पर रख दिया|
मैं अपने हाथ से उसकी चूत से खेलने लगा|
उसकी चूत से बहुत पानी आ रहा था| मैंने अपनी उंगली चूत में डालकर उसे पागल कर दिया|
उसने छत पर ही अपनी चूत को खोल दिया|
पर मैं डर की वजह से उसे स्टोर रूम में ले गया और उसे पूरी नंगी करके देखा|
मैंने पहली बार सेक्सी साली को पूरी नंगी देखा तो दिल बाग बाग़ हो गया|
बनाने वाले ने क्या माल बनाया था|
उसकी चूचियां देख कर मेरा लंड फौलाद हो गया और फड़फड़ाने लगा|
मैं भी नंगा होकर एक लकड़ी की कुर्सी पर बैठ गया|
मैंने साली साहिबा को इशारा किया तो वो नजदीक आ गई| मैंने उसे अपने लंड पर बैठा लिया|
मेरा पूरा लंड उसकी चूत के छेद को चीरता हुआ अन्दर तक सरसराता चला गया|
शायद वो पहले से ही बहुत चिकनी चूत करे लंड का इंतजार कर रही थी|
उसके मुँह से एक लम्बी आह निकली मगर उसने दांत भींच कर पूरा लंड चूत की जड़ तक ले लिया|
मैंने अपने हाथों में उसके मदमस्त दूध पकड़े और हम किस करने लगे|
साली साहिबा अपनी गांड हिला रही थी और थोड़ा थोड़ा उछाल मार रही थी|
मैंने उसे धकापेल चोदना शुरू कर दिया था|
करीब दस मिनट बाद उसकी चूत में सुर्खी आ गई और उसने कहा- मैं गई!
उसके जाते ही मैंने भी उसकी चूत में अपना माल छोड़ दिया|
कुछ देर बाद हम दोनों छत से नीचे आ गए और साली साहिबा के रूम में घुस गए|
वहीं हम दोनों साथ में नहाए और बाथरूम में ही मैंने साली साहिबा की चूत पर अपनी पेशाब की धार मार दी|
वो भी अपनी चूत को थोड़ा खोल कर खड़ी थी| मैंने सामने खड़े होकर उसकी चूत को अपने मूत से नहला दिया|
उधर एक बार फिर से सेक्स किया और मैं अपने कमरे में आ गया|
फिर ऐसे ही मैंने सेक्सी साली को 6 महीने में 27 बार चोदा|
मेरा जब भी मन होता, मैं सुबह की फ्लाइट से जाता और होटल में उसे चोद कर शाम तक वापस आ जाता|
उसके बाद उसकी शादी हो गई और वो अपने पति के साथ चली गई|
अब वो मेरे बच्चे को भी पैदा करने वाली है, ऐसा इसलिए हुआ कि उसका पति बंगलोर में जॉब करता है और महीने में सिर्फ़ 2 दिन के लिए आता है|
साली साहिबा अपने पति से संतुष्ट नहीं है|
दोस्तो, मेरा नाम अरमान है| मैं दिल्ली में रहता हूँ, मेरी उम्र 29 साल की है और हाइट 6 फुट है|
आज मैं आप लोगों अपनी जिन्दगी के वो हसीन पल बताने जा रहा हूँ, जो मैंने कभी सोचा भी नहीं था|
ये सेक्स कहानी जिसमें मैंने सेक्सी साली को चोदा, मेरी दूर की साली साहिबा और मेरे बीच हुए उस मिलन की है, जिससे मुझे एक नया एक्सपीरियेन्स मिला था|
ये बात अगस्त 2018 की है| मेरी सगी छोटी साली की शादी थी और मैं अपनी ससुराल मुंबई गया हुआ था|
अभी मेरी शादी को भी 8 महीने ही हुए थे|
तो मेरी पत्नी उधर सभी से मेरा परिचय कुछ अपने रिश्तेदारों से करा रही थी|
उसी बीच मेरी पत्नी ने मुझे अपनी कजिन सिस्टर यानि मेरी साली साहिबा से भी मिलवाया| वो एक महीना पहले ही ऑस्ट्रेलिया से एमबीए करके वापस आई थी|
मैंने अपनी बीवी से उसके बारे में सुना बहुत था … लेकिन देख पहली बार रहा था|
वो देखने में एकदम अप्सरा की तरह थी| उसे देख कर लगा मानो आसमान से कोई परी को धरती पर उतार दिया हो|
उसकी हाइट 5 फुट 10 इंच थी| लंबे हाइलाइटेड बाल, फिगर 35-26-36 का रहा होगा|
उसने इस वक्त ब्लैक ड्रेस पहनी हुई थी| वो जिम वाली फिटनेस मेंटेन किए थी|
चूंकि मैं भी जिम लवर हूँ, तो बॉडी को देखते ही पहचान जाता हूँ|
मैंने उसे देखा तो बस देखता ही रह गया|
उससे कुछ बातें हुईं|
मैंने भी एमबीए किया है, तो हम दोनों आपस में इसी को लेकर कुछ बातचीत करने लगे|
उसी वक्त मेरी पत्नी को उसकी मम्मी ने आवाज़ लगा दी, तो वो चली गई|
हम दोनों ने दस मिनट तक बात की| फिर साली साहिबा ने मुझसे मेरा नंबर ले लिया और कहा- मेरे मतलब का कोई जॉब हो, तो मुझे बताइएगा|
मैंने बोला- हां ज़रूर|
मैंने भी उसका नम्बर ले लिया और अलग होकर अपने अपने काम में इधर उधर हो गए|
मैं उसी रात अपने कमरे में अकेला लेटा हुआ था, सब कहीं ना कहीं शादी की तैयारी में बिज़ी थे|
मेरी पत्नी भी उधर ही कहीं लगी हुई थी|
रात के एक बज रहे थे| उसी समय मैंने साली साहिबा को दूसरे कमरे में जाते देखा तो दस मिनट बाद मैंने उसे व्हाट्सैप पर हाय लिख कर भेज दिया|
उसका भी रिप्लाई आ गया- हाय जीजू … आप अभी तक जाग रहे हैं! … सिमरन कहां है!
मेरी पत्नी का नाम सिमरन है|
मैंने बोला- वो तो शादी की तैयारी में बिज़ी है| आप कहां हो?
साली साहिबा ने बोला- मैं तो बोर हो रही थी … तो रूम में आ गई| बहुत सिर दर्द हो रहा है| ऑस्ट्रेलिया में ऐसा नहीं होता … इतना हौच पौच हो रहा है यहां|
मैंने बोला- जल्दी ही आदत पड़ जाएगी|
हमारी बातचीत कुछ पल के लिए रुक गई|
तभी उसका फिर से एक मैसेज आया- जीजू एक बात बोलूं, आप किसी को बोलेंगे तो नहीं?
मैंने कहा- हां बोलो|
साली साहिबा का मैसेज आया- कहीं से सिगरेट का अरेंज्मेंट हो सकता है क्या? बहुत तलब लग रही है|
मैंने बोला- अच्छा … तभी सिर दर्द हो रहा है|
उसने बोला- प्लीज़ जीजू|
मैंने बोला- छत पर आ जाओ … मैं लेकर आता हूँ| मुझे भी कंपनी मिल जाएगी|
मैं छत पर सिगरेट लेकर गया|
वो एकदम खुश हो गई और मुझे हग करके बोली- थैंक्यू सो मच जीजू|
जैसे ही वो मेरे सीने से लगी, उसके कड़क बूब्स मेरी छाती में धंस से गए और मुझे तो नशा सा चढ़ गया|
हम दोनों ने सिगरेट जलाई और बातें करने लगे|
मैंने पूछा- ऑस्ट्रेलिया में कोई ब्वॉयफ्रेंड!
उसने कहा- मुझे गोरों में इंटरेस्ट नहीं है| वो सिर्फ़ टाइम पास और घूमने-फिरने के लिए काफ़ी हैं|
मैंने बोला- हम्म … तो आपको इंडियन ही चाहिए!
वो बोली- बिल्कुल लेकिन इंडियन लड़कों को समझने के लिए ब्वॉयफ्रेंड बनाना भी ज़रूरी है|
मैंने बोला- हां ये भी सही बात है|
साली साहिबा बोली- परसों शादी में लड़के वाले आएंगे, उनमें से ही किसी को ढूंढ लूंगी … ईज़ी रहेगा|
इतना कह कर वो हंसने लगी|
मैंने बोला- लड़के वाले ही क्यों, लड़की वालों के यहां भी लड़कों की कमी थोड़ी है|
वो बोली- जीजू सब परिचित के हैं … किसी पर भरोसा नहीं किया जा सकता| कोई कब किससे क्या बोल दे … मुझे एक्सपीरियेन्स लेना है, शादी नहीं करनी उससे|
मैं बोला- तो एक काम करो मुझे अपना ब्वॉयफ्रेंड बना लो … मुझ पर तो भरोसा कर सकती हो ना!
वो मजाक़ समझ कर हंसने लगी और बोली- सिमरन मेरा मुँह नोच लेगी|
मैं बोला- नहीं सीरीयस … सिमरन को बताएगा कौन … मुझे भी नई गर्लफ्रेंड का कुछ एक्सपीरियेन्स मिल जाएगा|
वो दो मिनट तक तो चुप रही|
फिर एक स्माइल देकर मुझे आंख मारकर आगे बढ़ी और मुझसे हाथ मिला कर बोली- डन|
अब हम दोनों नीचे आ गए और अपने अपने रूम में चले गए|
अगले दिन थोड़ा व्हाट्सैप पर बात हुई| उसने मुझसे बारात के लिए 2-3 ड्रेस की पिक्स भेजीं कि कौन सी पहनूं|
मैंने एक गोल्डन लहंगा पसंद करके उसे बता दिया|
दूसरे दिन बारात का दिन था|
जब वो तैयार होकर आई तो मैं उसे एकदम से तो पहचान ही नहीं पाया|
वो मेरे सामने से मुझे आंख मार कर निकल गई|
जब वो पास से निकली, तब मैंने उसे पहचाना|
ग़ज़ब की माल लग रही थी| उसे देखते ही मेरा तो लंड खड़ा हो गया और बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया|
मैंने तभी उसे मैसेज किया कि यू लुकिंग सो ब्यूटीफुल … मुझे तुम्हें देखते ही कुछ हो रहा है|
वो बोली- मतलब!
मैं बोला- मतलब क्या हो सकता है … समझो|
वो बोली- मतलब बहुत कुछ हो सकता है जीजू … आप ज़रा खुल कर बताइए ना|
मैं हिम्मत करके बोला- साली साहिबा, मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है| मेरा मन कर रहा है कि तुम्हें कच्चा ही खा जाऊं|
साली साहिबा- खाने को आज बहुत कुछ है जीजू खाने में|
मैं- वो सब नहीं चाहिए आई वांट यू … इन डिनर|
साली साहिबा- ऊहह … रियली नॉट पासिबल जीजू … यहां कुछ नहीं हो सकता|
मैं- अगर तुम आधा घंटे के लिए तीसरी फ्लोर पर आ सको, तो आ जाओ| मेरे पास तुम्हारे लिए एक सरप्राइज़ है|
साली साहिबा- ओके … मैं दस मिनट में इधर मौका देख कर आती हूँ|
जैसे ही वो तीसरे फ्लोर पर आई, मैं उसे एक रूम में ले गया जहाँ बैंक्वेट हॉल का डेकोरेशन का सामान रखा था|
वो बोली- यहां क्या है?
मैं बोला- कुछ नहीं साली साहिबा तुम बहुत हॉट लग रही हो … इसलिए मुझसे रुका नहीं जा रहा है|
वो बोली- कोई आ ज़ाएगा|
मैं बोला- यहां 12 बजे तक कोई नहीं आएगा| अभी 3 घंटे हैं हमारे पास|
मैंने उसका चेहरा पकड़ कर अपने होंठों के करीब किया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए|
हम दोनों ने 4-5 मिनट तक लंबी स्मूच की| इस बीच मैंने उसकी कमर में हाथ भी डाला और उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके बूब्स भी दबाए|
इसे मेरी साली बहुत ज़्यादा सिड्यूस हो चुकी थी|
उसने उसी पल अपना ब्लाउज के बटन खोल दिए ब्लाउज उसके मम्मों से हट कर झूलने लगा|
उसने अपनी ब्रा को भी ऊपर उठा दिया और मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी|
मैंने भी अपनी शर्ट उतार दी|
साली साहिबा को मैंने एक मेज पर लिटाया और उसके मम्मों पर किस करके निप्पल को चूसने लगा|
उसकी मादक आवाजें निकलने लगी थीं- आआ आहह अहह अरमान … गो डाउन गो डाउन|
मैं समझ गया कि साली साहिबा पहले भी ऐसा कुछ ज़रूर कर चुकी है|
तो मैं उसे किस करते हुए नीचे की ओर जाने लगा और उसका लहंगा ऊपर करके उसकी मरमरी टांगों पर चुम्मा करता हुआ उसकी काली पैंटी को उतारने लगा|
मैंने उसकी पैंटी उतारी तो सामने उसकी गोरी चूत थी|
उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था| एकदम चिकनी चमेली चूत थी|
मेरा मन कर रहा था कि साली की चूत को खा जाऊं|
मैं उसकी चूत पर टूट पड़ा|
मैंने उसकी चूत को इतना चाटा इतना चाटा कि वो झड़ गई और उसने मेरे बाल पकड़ कर मुझे रोक दिया|
पर मेरी आग तो अभी नहीं बुझी थी| एक मिनट बाद मैंने अपना लंड पैंट से बाहर निकाला|
मेरा लंड फौलाद की तरह खड़ा था|
मेरे 7 इंच के लंड को देख कर साली साहिबा तो घबरा गई| वो बोली- ये कहां का रॉकेट है अरमान!
मैंने बोला- ख़ास तुम्हारे लिए ये रॉकेट आया है, जो तुम्हें एक नई दुनिया की सैर कराएगा| अब जल्दी से इसमें पेट्रोल भर दो, जिससे ये तुम्हें एक नई दुनिया में ले जा सके|
ये कहते ही मैं लंड निकाल कर मेज पर बैठ गया और वो झुक कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले गई|
कुछ देर तक तो मुझे यकीन नहीं हुआ कि साली साहिबा सच में मेरा लंड चूस रही है|
उसने जमकर मेरा लंड चूसा|
मैंने पूरा लंड उसके मुँह मैं घुसा देना चाहा, पर वो उसके गले से टकरा जाता और वो घबरा कर लंड बाहर निकाल देती|
जब वो मेरा लंड चूसती, तो उसके चूचे तेज़ तेज़ हिल रहे थे| वो ऊपर से नंगी थी … ब्लाउज खुला था और ब्रा के शोल्डर डाउन थे|
मैंने वक्त को खोटी ना करते हुए उसे फिर से मेज पर लेटा दिया| उसका लहंगा ऊपर करके उसकी टांगें खोल दीं और उसे आगे को खींच कर लंड चूत के अन्दर डालने लगा|
पर उसे दर्द हो रहा रहा था|
तब मुझे पता लगा कि साली साहिबा अभी तक किसी से चुदी नहीं है इसने सिर्फ़ ऊपर ऊपर से ही मर्द के मज़े लिए हैं|
मैं सोचता था कि ऑस्ट्रेलिया में रही है तो सब कुछ कर चुकी होगी|
लेकिन मैं गलत था|
वो कुंवारी थी|
मैंने साहिबा का पर्स खोला, उसमें क्रीम रखी थी| मैंने अपने लंड पर क्रीम लगाई और थोड़ी से उसकी चूत की फांकों में भी लगा दी|
उसने टांगें खोल कर चूत चुदाई का इशारा कर दिया| मैंने लंड का सुपारा चूत की फांकों में सैट किया और एक धक्का उसकी चूत में दे मारा|
पहले शॉट में मेरा लंड कुछ अन्दर गया और वो ज़ोर से चिल्लाने को हुई|
मगर मैंने जल्दी से उसके मुँह पर हाथ रख दिया|
उसकी आंखों से आंसू निकल आए पर मैं जरा भी नहीं पसीजा|
मैंने धीरे धीरे करके पूरा लंड चूत के अन्दर घुसा दिया था|
अब वो भी मज़ा ले रही थी| उसकी चूत से रक्त भी निकलने लगा लेकिन मैंने उसे बताया नहीं|
एक मिनट बाद मैंने तेज़ झटके मारना शुरू किए| उसके बूब्स ऐसे हिल रहे थे जैसे खरबूजे रखे हों|
वो हल्की आवाज़ निकाल कर मजा ले रही थी- आअहह अम्म्म … उहह आहह अरमान डोंट बी स्लो बी फास्ट … मुझे मजा आ रहा है|
मैं धकापेल में लग गया|
पांच मिनट बाद मैंने उसे मेज से नीचे उतारा और मेज पर हाथ रख कर घोड़ी बनाकर झुका दिया| पीछे से उसकी चूत में फिर से लंड घुसा दिया|
इस बार उसकी चूत ने मेरे लंड का गर्मजोशी से स्वागत किया|
मैं पिल पड़ा और दस मिनट तक सेक्सी साली को चोदा| उसके बाद मैंने उसकी गांड पर अपना माल झाड़ दिया|
इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी पर उसमें सेक्स अभी भी बहुत था|
मैं झड़ तो गया था … लेकिन उसे एक बार चोदने से मन नहीं भरा था|
फिर साली साहिबा ने उधर रखे टिश्यू पेपर से मेरा लंड साफ किया और उसे फिर से चूसने लगी|
मैंने बोला- चलो डार्लिंग, वापस चलते हैं … कोई हम दोनों को ढूंढ ना रहा हो!
वो बोली- अरमान, एक बार फिर से प्लीज़|
मैं बोला- हनी आधा घंटा हो गया है, बारात के आने का भी टाइम भी हो रहा है, हमें चलना चाहिए|
वो बोली- ठीक है| लेकिन मैं बाद में छत पर आपका वेट करूंगी| ऊपर एक स्टोर रूम खाली है|
मैं उसकी बात सुनकर गर्मा गया और बोला- ठीक है मेरी जान|
उसने अपनी चूत साफ करते हुए ब्लड देखा और बोली- जीजू, साली आधी घरवाली होती है … आपने तो मुझे अपनी पूरी ही घरवाली बना लिया| चलिए एक सिगरेट पिलाओ … फिर चलती हूँ| नीचे सब वेट कर रहे होंगे|
हम दोनों ने एक ही सिगरेट में मजा लिया और नीचे चले गए|
उसे चलने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी … लेकिन थोड़ी देर बाद साली साहिबा ने सब अड्जस्ट कर लिया|
शादी से फ्री होने के बाद करीब 2 बजे रात को हम दोनों घर पहुंच गए|
सभी लोग नीचे हॉल में बैठे थे|
साली साहिबा का 2| 45 पर मुझे मैसेज आया- मैं सिगरेट लेकर छत पर जा रही हूँ … जल्दी आओ|
मैंने ओके लिखा और चेंज करके छत पर चला गया|
वहां पहले हम दोनों ने सिगरेट पी और साली साहिबा मेरे लंड के आगे अपनी गांड लगा कर खड़ी हो गई|
उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी लोवर में डाल दिया और अपनी चूत पर रख दिया|
मैं अपने हाथ से उसकी चूत से खेलने लगा|
उसकी चूत से बहुत पानी आ रहा था| मैंने अपनी उंगली चूत में डालकर उसे पागल कर दिया|
उसने छत पर ही अपनी चूत को खोल दिया|
पर मैं डर की वजह से उसे स्टोर रूम में ले गया और उसे पूरी नंगी करके देखा|
मैंने पहली बार सेक्सी साली को पूरी नंगी देखा तो दिल बाग बाग़ हो गया|
बनाने वाले ने क्या माल बनाया था|
उसकी चूचियां देख कर मेरा लंड फौलाद हो गया और फड़फड़ाने लगा|
मैं भी नंगा होकर एक लकड़ी की कुर्सी पर बैठ गया|
मैंने साली साहिबा को इशारा किया तो वो नजदीक आ गई| मैंने उसे अपने लंड पर बैठा लिया|
मेरा पूरा लंड उसकी चूत के छेद को चीरता हुआ अन्दर तक सरसराता चला गया|
शायद वो पहले से ही बहुत चिकनी चूत करे लंड का इंतजार कर रही थी|
उसके मुँह से एक लम्बी आह निकली मगर उसने दांत भींच कर पूरा लंड चूत की जड़ तक ले लिया|
मैंने अपने हाथों में उसके मदमस्त दूध पकड़े और हम किस करने लगे|
साली साहिबा अपनी गांड हिला रही थी और थोड़ा थोड़ा उछाल मार रही थी|
मैंने उसे धकापेल चोदना शुरू कर दिया था|
करीब दस मिनट बाद उसकी चूत में सुर्खी आ गई और उसने कहा- मैं गई!
उसके जाते ही मैंने भी उसकी चूत में अपना माल छोड़ दिया|
कुछ देर बाद हम दोनों छत से नीचे आ गए और साली साहिबा के रूम में घुस गए|
वहीं हम दोनों साथ में नहाए और बाथरूम में ही मैंने साली साहिबा की चूत पर अपनी पेशाब की धार मार दी|
वो भी अपनी चूत को थोड़ा खोल कर खड़ी थी| मैंने सामने खड़े होकर उसकी चूत को अपने मूत से नहला दिया|
उधर एक बार फिर से सेक्स किया और मैं अपने कमरे में आ गया|
फिर ऐसे ही मैंने सेक्सी साली को 6 महीने में 27 बार चोदा|
मेरा जब भी मन होता, मैं सुबह की फ्लाइट से जाता और होटल में उसे चोद कर शाम तक वापस आ जाता|
उसके बाद उसकी शादी हो गई और वो अपने पति के साथ चली गई|
अब वो मेरे बच्चे को भी पैदा करने वाली है, ऐसा इसलिए हुआ कि उसका पति बंगलोर में जॉब करता है और महीने में सिर्फ़ 2 दिन के लिए आता है|
साली साहिबा अपने पति से संतुष्ट नहीं है|
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